22 अप्रैल 2026
बाड़मेर/बालोतरा
राजस्थान के बाड़मेर जिले में स्थित पचपदरा रिफाइनरी में 20 अप्रैल को हुए भीषण अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एक्शन मोड में हैं। मंगलवार को मुख्यमंत्री खुद घटनास्थल का जायजा लेने पचपदरा पहुँचे। उन्होंने न केवल आग से हुए नुकसान का बारीकी से निरीक्षण किया, बल्कि रिफाइनरी के अधिकारियों और जाँच टीम के साथ लगभग ढाई घंटे तक लंबी चर्चा भी की।
रिफाइनरी में सुरक्षा और जाँच तेज
हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री के साथ एनआईए (NIA) की टीम और राज्य की जाँच एजेंसियाँ भी मौके पर पहुँचीं।
रिफाइनरी के गेट नंबर 1 और 2 पर बाहरी लोगों का प्रवेश पूरी तरह रोक दिया गया है।
सुरक्षा घेरा इतना कड़ा कर दिया गया है कि बिना अनुमति किसी को भी अंदर जाने नहीं दिया जा रहा है।
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को हादसे के तकनीकी कारणों और उससे हुए आर्थिक नुकसान की जानकारी दी।
टल गया प्रधानमंत्री का दौरा
पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दौरा प्रस्तावित था। करीब 79 हजार 459 करोड़ रुपये की लागत से बनी इस रिफाइनरी में प्रधानमंत्री के आगमन की तैयारियां पिछले एक हफ्ते से जोर-शोर से चल रही थीं।
कार्यक्रम के लिए विशाल डोम (टेंट) बनाया गया था और सैकड़ों पंखे व कूलर लगाए गए थे।
लेकिन इस भीषण आग के कारण प्रधानमंत्री के दौरे को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।
कैसे लगी थी आग
जानकारी के अनुसार, 20 अप्रैल की दोपहर करीब 2:00 बजे रिफाइनरी के ‘हीट एक्सचेंजर सर्किट’ में हाइड्रोकार्बन लीकेज होने की वजह से यह हादसा हुआ। लीकेज इतना जबरदस्त था कि कच्चे तेल को साफ करने वाली ‘क्रूड डिस्टिलेशन’ की दो यूनिट्स आग की चपेट में आ गईं और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।
मुख्यमंत्री का कड़ा रुख
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने साफ किया है कि इस तरह की चूक दोबारा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सुरक्षा मानकों की दोबारा जाँच की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में इतने बड़े प्रोजेक्ट में कोई तकनीकी खराबी न आए। जाँच एजेंसियाँ अब इस बात की तह तक जाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या यह सिर्फ एक हादसा था या इसके पीछे कोई लापरवाही थी।


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