25 अगस्त 2026:
हिंदू धर्म के अनुसार पूजा पाठ ज्योतिष का ही एक अंग है, जिसमें पूजन के कुछ नियम होते हैं , जिनका पालन करना जरूरी होता है।
अभी श्रावण मास चल रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्रावण का महीना भगवान शिव को समर्पित होता है। किंतु शिव पूजा में बहुत सी वस्तुएं वर्जित मानी जाती है।
1 . इसमें से एक है शिवलिंग पर हल्दी नहीं चढ़ाया जाना !
शिवलिंग पर हल्दी चढ़ाना वर्जित माना गया है । आईए जानते हैं इसका शुभ और अशुभ फल । हल्दी एक औषधि गुणों से भरपूर होती है । यह पवित्रता समृद्धि और उर्वरता का प्रतीक है। इसका उपयोग धार्मिक कार्यों में ,शुभ कार्यों की शुरुआत के लिए किया जाता है ।
विभिन्न पूजा पाठ में,भगवान विष्णु की पूजा में हल्दी मुख्य रूप से चढ़ाई जाती है किंतु शिव जी के पूजन में हल्दी वर्जित होती है ।
2. एक अन्य कारण के अनुसार भगवान शिव आमतौर पर शरीर पर भस्म लगाए हुए देखे जाते हैं । माना जाता है कि वह भौतिकता से दूर होते हैं । उनका निवास स्थान कैलाश पर्वत होता है, जो एक कठिन और दुर्गम स्थान माना जाता है ,जो दुनिया के भौतिक सुखों से बहुत दूर होता है।
3.. इसके अलावा ज्योतिष विज्ञान में हर सामग्री का संबंध किसी न किसी ग्रह से होता है जैसे हल्दी का संबंध गुरु गृह से होता है गुरु जो बुद्धि ज्ञान और समृद्धि का ग्रह माना जाता है ।
शिवजी की ऊर्जाएं गुरु ग्रह की ऊर्जा से मेल नहीं खाती । इस वजह से शिवलिंग पर हल्दी नहीं चढ़ाई जाती । क्योंकि शिवजी पर हल्दी चढ़ाने से असंतुलन पैदा हो सकता है। शिवलिंग पर हल्दी चढ़ाना भगवान शिव के स्वभाव और धार्मिक मान्यताओं के बिल्कुल विपरीत होता है।
शास्त्रों के अनुसार शिवजी को हल्दी क्यों नहीं चढ़ाई जाती:
शास्त्रों के अनुसार शिवलिंग पर हल्दी नहीं चढ़ाई जाती, क्योंकि शिवलिंग दो भागों से मिलकर बना होता है । एक भाग शिव का प्रतीक होता है और एक भाग माता पार्वती का प्रतीक जलाधारी होता है। जलाधारी पर हल्दी चढ़ाई जा सकती है, किंतु शिवलिंग पर हल्दी नहीं चढ़ाई जाती ।


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