1 मई 2026
न्यूयार्क:
भारत के लिए एक बड़ी और ऐतिहासिक खुशखबरी है। अमेरिका ने भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत से जुड़ीं लगभग 657 बहुमूल्य वस्तुएं वापस लौटा दी हैं। अमेरिकी एजेंसियों के अनुसार, इन सभी कलाकृतियों का कुल मूल्य लगभग 1.4 करोड़ डॉलर (भारतीय रुपयों में करीब 116 करोड़ रुपये से अधिक) आंका गया है। अमेरिका ने साफ कहा है कि चोरी की गई भारतीय कलाकृतियों को वापस लौटाने का सिलसिला अभी जारी रहेगा और इस दिशा में और काम करना बाकी है।
कैसे हुई वापसी?
मैनहट्टन के जिला अटार्नी एल्विन ब्रैग ने मंगलवार को औपचारिक रूप से इन प्राचीन वस्तुओं की वापसी की घोषणा की। बताया गया है कि ये कलाकृतियां कला तस्करी नेटवर्क (Traficking Networks) की कई अलग-अलग जांचों के दौरान बरामद की गई थीं। इन जांचों में कुख्यात आर्ट डीलर सुभाष कपूर और दोषी तस्कर नैन्सी वीनर से जुड़े नेटवर्क भी शामिल हैं, जो लंबे समय से प्राचीन भारतीय कलाकृतियों की अवैध तस्करी कर रहे थे।
कौन-कौन सी खास प्रतिमाएं लौटी हैं?
वापस लौटीं इन 657 वस्तुओं में कई बेहद अनूठी और प्राचीन प्रतिमाएं शामिल हैं:
1. ‘अवलोकितेश्वर’ की कांस्य प्रतिमा: लौटी गई वस्तुओं में सबसे प्रमुख 20 लाख डॉलर मूल्य की ‘अवलोकितेश्वर’ की कांस्य (Bronze) प्रतिमा है। प्रतिमा पर मिले शिलालेख से पता चलता है कि इसके शिल्पकार छत्तीसगढ़ के रायपुर के निकट स्थित सिरपुर के द्रोणादित्य थे। यह प्रतिमा 1939 में लक्ष्मण मंदिर के पास मिले कांस्य प्रतिमाओं के विशाल भंडार में से एक थी।
2. नृत्य करते हुए गणेश जी की मूर्ति: अन्य प्रमुख प्रतिमाओं में बलुआ पत्थर से बनी गणेश जी की नृत्य करती हुई एक मूर्ति भी शामिल है। खबर के अनुसार, इसे रणजीत कंवर ने साल 2000 में मध्य प्रदेश के एक मंदिर से लूटा था।
भारत सरकार और अमेरिकी एजेंसियों के बीच सहयोग से इन चोरी हुई धरोहरों को वापस लाना संभव हो पाया है।


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