20 अप्रैल 2026
भोपाल:
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक ऐसा गिरोह सक्रिय है जो न केवल हिंदू नाम रखकर लड़कियों से दोस्ती करता है, बल्कि उन्हें नशीली दवाओं का आदी बनाकर धर्म परिवर्तन और निकाह के लिए मजबूर भी करता है। पुलिस की जांच में इस सिंडिकेट की गहरी साजिशों की परतें खुल रही हैं।
कैसे बिछाया जाता है साजिश का जाल
जांच में सामने आया है कि इस गिरोह के निशाने पर अक्सर वे लड़कियां होती हैं जो अपने परिवार से दूर रहकर पढ़ाई या नौकरी कर रही हैं। गिरोह के सदस्य हिंदू नाम बताकर इन युवतियों से दोस्ती करते हैं और फिर उन्हें शहर के बाहरी इलाकों में बने पब, क्लब और रेस्टोरेंट्स में पार्टी के बहाने ले जाते हैं।
वहाँ लड़कियों को कोल्ड ड्रिंक या शराब में मिलाकर एमडी ड्रग्स (MD Drugs) जैसे खतरनाक नशीले पदार्थ दिए जाते हैं। जब लड़की पूरी तरह नशे की आदी हो जाती है और उनके चंगुल में फंस जाती है, तब उस पर निकाह और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया जाता है।
बुर्का पहनकर घर भेजने की जिद
अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे नाबालिग लड़कियों से निकाह करने के बाद उन्हें बुर्का पहनाकर वापस उनके घर भेजने की कोशिश करते हैं। अशोकनगर की एक नाबालिग लड़की के मामले में खुलासा हुआ कि आरोपी अल्तमस खान उसे हर आधे घंटे में वीडियो कॉल करता था ताकि वह यह देख सके कि लड़की ने बुर्का पहना है या नहीं। पुलिस का मानना है कि यह समाज में एक खास तरह का संदेश देने और अपना खौफ पैदा करने की कोशिश है।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई और गिरफ्तारियां
अशोकनगर पुलिस की एसआईटी (SIT) ने भोपाल से इस मामले में दो मुख्य आरोपियों, अल्तमस कुरैशी और आहद उर्फ आहत शेख, को गिरफ्तार किया है। इन दोनों पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित था। इससे पहले पुलिस एक किन्नर और एक अन्य नाबालिग को भी इस गिरोह में मदद करने के आरोप में पकड़ चुकी है।
होटल और कैफे बने अड्डा: भोपाल के पिपलानी इलाके में स्थित ‘क्लब 90’ जैसे स्थानों पर इस तरह की गतिविधियां होने के सबूत मिले हैं, जिसे प्रशासन ने सील कर बुलडोजर कार्रवाई भी की है।
पकड़े गए आरोपियों का पुराना अपराधिक इतिहास रहा है। इनमें से कुछ पर मोबाइल छीनने और चेन स्नेचिंग जैसे मामले भी दर्ज हैं।
लड़कियों को फंसाने और उन्हें ट्रैक करने में एक किन्नर के भी शामिल होने की बात सामने आई है, जो गिरोह के लिए मददगार का काम करता था।
पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा के अनुसार, आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाया जा सके। पुलिस ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों और उनके दोस्तों के बारे में सतर्क रहें। शहर के बाहरी हिस्सों में चल रहे संदिग्ध कैफे और क्लबों पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है।
यह मामला सामने आने के बाद शहर के लोगों में काफी नाराजगी है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कड़े कदम उठाने की मांग की जा रही है।


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