23 अप्रैल 2026
भोपाल:
मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों के हित में एक बहुत बड़ा फैसला लिया है। अब राज्य में विकास कार्यों के लिए अधिग्रहित की जाने वाली ग्रामीण क्षेत्रों की जमीन पर किसानों को पहले के मुकाबले चार गुना ज्यादा मुआवजा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है।
क्या है नया नियम
अब तक ग्रामीण इलाकों में जमीन अधिग्रहण के बदले कलेक्टर गाइडलाइन के हिसाब से कम मुआवजा मिलता था। नए फैसले के तहत अब गाइडलाइन की दर पर गुणांक दो के हिसाब से भुगतान होगा, जिससे किसानों के हाथ में आने वाली रकम सीधे चार गुना हो जाएगी। यह नियम 22 अप्रैल 2026 से प्रभावी माना जाएगा। खास बात यह है कि यह लाभ उन मामलों में भी मिलेगा जिनमें अभी तक अंतिम अवार्ड पारित नहीं हुआ है।
विकास कार्यों में आएगी तेजी
मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश में सड़क, पुल और सिंचाई जैसी कई बड़ी परियोजनाएं जमीन अधिग्रहण की वजह से रुकी हुई थीं। किसान कम मुआवजे के कारण अपनी जमीन देने को तैयार नहीं थे। अब मुआवजा बढ़ने से न केवल किसानों को आर्थिक मजबूती मिलेगी, बल्कि सरकार के लिए भी विकास कार्यों के लिए जमीन जुटाना आसान हो जाएगा।
अधिकारियों की असहमति के बावजूद सीएम रहे अडिग
खबरों के मुताबिक, वित्त विभाग और कुछ वरिष्ठ अधिकारी राजकोष पर पड़ने वाले अतिरिक्त भार को देखते हुए मुआवजा बढ़ाने के पक्ष में नहीं थे। अधिकारियों ने बीच का रास्ता निकालने की कोशिश भी की, लेकिन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपनी बात पर कायम रहे। उनका स्पष्ट कहना था कि किसानों को उनकी जमीन का उचित दाम मिलना ही चाहिए।
सिंहस्थ और सिंचाई परियोजनाओं को होगा लाभ
इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा उज्जैन में होने वाले आगामी सिंहस्थ और प्रदेश की बड़ी सिंचाई परियोजनाओं को मिलेगा। उदाहरण के तौर पर, देवास-शाजापुर की 157 करोड़ रुपये की सिंचाई योजना और छीपानेर सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए अब जमीन मिलने का रास्ता साफ हो गया है। इससे हजारों हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा बढ़ सकेगी।
कैबिनेट के अन्य बड़े फैसले
1. सीएम केयर योजना: सरकार ने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सीएम केयर योजना को मंजूरी दी है। इसके तहत कैंसर और दिल की बीमारियों के इलाज के लिए सुपर स्पेशियलिटी यूनिट्स बनाई जाएंगी।
2. जिला अस्पतालों में आवास: मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में भर्ती मरीजों के परिजनों के रहने और खाने के लिए कैंपस में ही आवास की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए सरकार समाज सेवी संस्थाओं को 30 साल की लीज पर जमीन उपलब्ध कराएगी।
इस पूरे कदम से मध्यप्रदेश सरकार ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि प्रदेश के विकास में किसानों की भागीदारी और उनका सम्मान सबसे ऊपर है।


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