27 जुलाई 2026:
मध्य प्रदेश :
मौसम विज्ञान के अनुसार उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी में हवा का दबाव बना हुआ है। इस सिस्टम के असर से मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
वही मध्य के जिलों में भारी बारिश हो सकती है और पश्चिम मध्य प्रदेश में गरज चमक के साथ हल्की से मध्य बौछारें पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
कल रविवार को सतना जिले में सबसे ज्यादा 54 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई और अन्य जिलों में हल्की बौछार पड़ी।
वर्षा की स्थितियों के कारण तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है ।जबकि रात के तापमान में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।
राजस्थानी भोपाल में कहीं धूप छांव और कहीं बूंदाबांदी और कहीं तेज वर्षा हुई।
यानी मध्य प्रदेश में मानसून का दमदार कम बैक हो चुका है और 35 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। भोपाल सहित कई शहरों में झमाझम बारिश का दौर शुरू है और अगले चार दिन तक बारिश का ऐसा ही दौर जारी रहने के संकेत हैं।
अब तक प्रदेश में करीब 13 इंच बारिश हो चुकी है जो पूरे मानसून के कोटे का करीब 35% है।
अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से मानसून हुआ सक्रिय:
मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार दक्षिण पश्चिम मानसून पूरे प्रदेश में सक्रिय है और यह अरब सागर बंगाल की खाड़ी से जो नमी मिली है उसी के साथ यह नमी मध्य प्रदेश से होकर गुजर रही है। इससे हवा में नमी 80 से 95% तक बनी हुई है और कई इलाकों में बारिश के हालात बने हुए हैं।
पिछले चार दिनों से प्रदेश में वर्षा की कमी हो चुकी थी । जो 20 जुलाई तक सामान्य से करीब 17% कम बारिश दर्ज की गई थी। अभी की बारिश के अनुसार यह घटकर मात्र 11% रह गई है । फिलहाल प्रदेश में 330.4 मिली मीटर बारिश दर्ज की गई है। जबकि इस समय तक 370.2 मिलीमीटर यानी 14.7 इंच बारिश हो जानी चाहिए थी।
मौसम विभाग की चेतावनी:
लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जल भराव की स्थितियां हो सकती हैं । छोटे नदी नालों में उफान और कुछ जगहों पर बाढ़ जैसी स्थितियां भी बन सकती हैं। मौसम विभाग लोगों से चेतावनी का पालन करने की सलाह दे रहा है। आवश्यक हो तो ही घर से निकले । बेवजह यात्रा न करें।


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