मध्य प्रदेश: रिटायर्ड कर्मचारियों से अतिरिक्त भुगतान की वसूली के निर्देश: वेतन निर्धारण में हुई विसंगतियों के कारण हुआ अतिरिक्त भुगतान:

khabar pradhan

संवाददाता

10 March 2026

अपडेटेड: 4:16 PM 0thGMT+0530

मध्य प्रदेश: रिटायर्ड कर्मचारियों से अतिरिक्त भुगतान की वसूली के निर्देश: वेतन निर्धारण में हुई विसंगतियों के कारण हुआ अतिरिक्त भुगतान:

10 मार्च 2026

वित्त विभाग ने अतिरिक्त भुगतान पाने वाले सेवानिवृत्ति कर्मचारियों से दिया वसूली का निर्देश:

वेतन निर्धारण में हुई विसंगतियां प्रमुख कारण:
मध्य प्रदेश सरकार ने वेतन निर्धारण में हुई विसंगतियों के कारण अधिक भुगतान पाने वाले सेवानिवृत्त कर्मचारियों और अधिकारियों से राशि वसूलने के निर्देश दिए हैं। वित्त विभाग ने इस संबंध में वसूली की प्रक्रिया तेज करने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।

वित्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन कर्मचारियों ने सेवा के दौरान अतिरिक्त भुगतान मिलने की स्थिति में राशि लौटाने की लिखित सहमति (अंडरटेकिंग) दी थी, उनसे सेवानिवृत्ति के बाद भी वसूली की जा सकती है। इस संबंध में संचालक पेंशन, भविष्य निधि और बीमा सहित सभी संभागीय और जिला पेंशन अधिकारियों को निर्देश भेजे गए हैं।

विभाग के अनुसार कई मामलों में वेतन निर्धारण में गड़बड़ी के कारण कर्मचारियों को अपेक्षा से अधिक भुगतान हो गया था। उस समय संबंधित कर्मचारियों ने लिखित आश्वासन दिया था कि यदि भविष्य में अधिक भुगतान पाया जाता है तो वे राशि वापस कर देंगे।

हालांकि सेवानिवृत्ति के बाद कुछ कर्मचारी राशि लौटाने के बजाय न्यायालय का सहारा ले रहे हैं। ऐसे मामलों में अब सरकार पेंशन से भी वसूली कर सकती है।


मध्य प्रदेश में अतिरिक्त भुगतान पाने वाले सेवानिवृत्त कर्मचारियों से राशि की वसूली के लिए वित्त विभाग ने अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। विभाग के अपर मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी ने आदेश में कहा है कि ऐसे मामलों में सर्वोच्च न्यायालय के फैसलों का पालन सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने सभी जिला और संभागीय पेंशन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिन कर्मचारियों ने अतिरिक्त राशि लौटाने की लिखित सहमति दी है, उनसे नियमों के अनुसार रिकवरी की कार्रवाई की जाए।

वित्त विभाग ने यह भी कहा है कि इस विषय में 12 जून 2020 को भी दिशा-निर्देश जारी किए गए थे, लेकिन कई पेंशन कार्यालयों द्वारा उनका पालन नहीं किया गया। हाल ही में न्यायालय की टिप्पणियों के बाद विभाग ने फिर से निर्देश जारी कर मामलों में कार्रवाई तेज करने को कहा है।

विभाग ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि लंबित मामलों का जल्द निपटारा किया जाए और पुराने आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आधार पर होगी वसूली

मध्य प्रदेश में अतिरिक्त भुगतान पाने वाले कर्मचारियों से राशि की वसूली के लिए वित्त विभाग ने सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का हवाला दिया है। विभाग ने अपने आदेश में 29 जुलाई 2016 को आए सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का उल्लेख किया है।

अदालत ने कहा था कि यदि किसी कर्मचारी ने अतिरिक्त भुगतान लौटाने का लिखित वचन दिया है, तो उससे सेवानिवृत्ति के बाद भी राशि की वसूली की जा सकती है। ऐसे मामलों में रिटायर्ड कर्मचारियों से वसूली नहीं करने से जुड़े पुराने नियम लागू नहीं होंगे।

वित्त विभाग का मानना है कि सर्वोच्च न्यायालय के फैसलों के अनुसार कार्रवाई करने से अनावश्यक मुकदमेबाजी कम होगी। इसी उद्देश्य से जिला पेंशन अधिकारियों को संबंधित न्यायालयीन निर्णयों की जानकारी देते हुए स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि भविष्य में ऐसे मामलों में नियमों के अनुसार ही निर्णय लिया जाए।

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