19 जुलाई 2026:
मध्य प्रदेश/ भोपाल:
मुख्यमंत्री मोहन यादव की कैबिनेट बैठक में समान नागरिक संहिता यानि UCC को मंजूरी मिल गई है। इसके अनुसार दूसरी शादी करने पर और कोर्ट के बाहर तलाक लेने पर रोक लगाई जाएगी। इसमें आदिवासी समाज को विशेष रूप से छूट दी गई है।
इसके अनुसार बेटे और बेटियों को संपत्ति में बराबर का अधिकार मिलेगा। महिलाओं को पुरुष की बराबरी का अधिकार मिलेगा।
लिव इन रिलेशनशिप को लेकर भी सख्त नियम बनाए गए हैं । इसके अनुसार यदि कोई लिव इन में रह रहा है तो अब उसे पंजीयन करना अनिवार्य होगा । और उम्र की जानकारी भी स्पष्ट रूप से देनी होगी। यदि कोई व्यक्ति इसे गुप्त रूप से रखता है ,तो उस पर कानूनी कार्रवाई होगी । ऐसे मामलों में 5 साल तक की जेल भी हो सकती है।
‘एक देश एक विधान’ का सपना:
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि एक देश एक विधान एक प्रधान का सपना अब पूरा होने का समय है। मध्य प्रदेश एक समान कानून व्यवस्था की ओर बढ़ रहा है और यह एक गर्व का पल है।
93% लोगों ने UCC का किया समर्थन:
मुख्यमंत्री ने बताया कि UCC को लेकर प्रदेश में करीब 93% लोगों ने इसे लागू करने के लिए समर्थन दिया है। जिसमें मुस्लिम महिलाओं ने भी अपना पक्ष रखा है। 92% लोगों ने संपत्ति के समान अधिकार के पक्ष में समर्थन दिया है । जिसमें 3 करोड़ से अधिक एसएमएस प्राप्त हुए हैं और करीब आठ करोड़ जनता इसकी साक्षी है।
एक ही शादी होगी मान्य:
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब मध्य प्रदेश में केवल एक ही शादी मान्य होगी। कोई भी व्यक्ति एक पत्नी या एक पति के रहते दूसरी शादी नहीं कर सकेगा। तलाक लेना दूसरी शादी के लिए अनिवार्य होगा। शादी के लिए लड़कों की उम्र 21 वर्ष और लड़कियों की 18 वर्ष तय की गई है।
आदिवासी समाज को दी गई छूट:
UCC के कुछ कठिन नियमों को आदिवासी समाज से दूर रखा गया है। जिसमें भील, गोंड, कोरकू, बैगा, सहरिया ,भारिया जैसे समुदायों पर यह कानून लागू नहीं होगा। उन्हें अपने रीति रिवाज और पूजा पाठ करने की पूरी आजादी मिलेगी।


Leave a Reply