मोहन यादव ने दुग्ध ब्रांड सांची को औद्योगिक विस्तार हेतु दिए दिशा निर्देश:

khabar pradhan

संवाददाता

31 December 2025

अपडेटेड: 4:30 PM 0thGMT+0530

मोहन यादव ने दुग्ध ब्रांड सांची को औद्योगिक विस्तार हेतु दिए दिशा निर्देश:

मध्य प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को मिलेगा औद्योगिक विस्तार, सांची ब्रांड पर सरकार का फोकस:

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्य प्रदेश में दुग्ध उत्पादन, उसकी प्रोसेसिंग और मार्केटिंग के क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं… उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेश के दुग्ध उत्पादन को औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार का मजबूत आधार बनाया जाए… यह पहल किसानों की आय बढ़ाने में भी प्रभावी साबित होगी… मुख्यमंत्री ने ये निर्देश मध्य प्रदेश स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के बीच हुए एग्रीमेंट के तहत गठित राज्य स्तरीय संचालन समिति की बैठक में दिए…

सीएम हाउस में हुई बैठक: नए संयंत्र का निर्माण और बंद संयंत्रों को चालू करने का लक्ष्य:
मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में हुई इस बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई,एसीएस मनीष रस्तोगी, पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग के प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव सहित एनडीडीबी के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे… मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम स्तर तक दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए किसानों की दक्षता और क्षमता बढ़ाई जाए… दुग्ध संकलन व्यवस्था की सख्त निगरानी हो, दूध खरीदी की कीमतें उत्पादकों के लिए लाभकारी हों और भुगतान समय-सीमा में सुनिश्चित किया जाए… इसके लिए 10 दिन का भुगतान रोस्टर तय किया गया है. दूध के खरीदी मूल्य में ढाई रुपए से 8:30 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी भी की गई है।इसमें 1241 नई दुग्ध सहकारी समितियां का गठन किया जाएगा। और जो निष्क्रिय पड़ी है 635 समितियां को क्रियाशील बनाया जाएगा।

उन्होंने पीपीपी मॉडल पर निजी भागीदारी और डेयरी सहकारी समितियों के समन्वय से गतिविधियों के विस्तार पर जोर दिया… मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सांची ब्रांड की ब्रांडिंग में गोवंश और गोपाल की सांस्कृतिक पहचान को जोड़ा जाए… बैठक में बताया गया कि 2029-30 तक 26 हजार गांवों में डेयरी सहकारी कवरेज का लक्ष्य रखा गया है…
प्रतिदिन 52 लाख किलोग्राम दुग्ध संकलन, 35 लाख लीटर दुग्ध विक्रय के लक्ष्य पर काम किया जा रहा है।
63.3 लाख लीटर प्रसंस्करण क्षमता विकसित की जाएगी… इंदौर में दूध पाउडर प्लांट, जबलपुर में पनीर प्लांट और शिवपुरी डेयरी संयंत्र को पुनः शुरू करने की प्रक्रिया भी जारी है…
…..
जबलपुर में 10 मीट्रिक टन क्षमता के पनीर प्लांट को उन्हें प्रारंभ किया जाएगा । इसके लिए 5 करोड रुपए का निवेश किया जाएगा। इंदौर में 30 मीट्रिक टन की क्षमता वाला दुग्ध पाउडर संयंत्र शुरू किया गया है । इसके ही माध्यम से तीन लाख लीटर दूध का संस्करण किया जा रहा है। और ग्वालियर डेयरी संयंत्र को अपडेट किया जा रहा है।

दुग्ध उत्पादन से किसानों की आय बढ़ाने पर दिया जोर:
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि किसानों की आय बढ़ाने में दुग्ध उत्पादन की बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका है। इस वजह से ग्राम स्तर तक दुग्ध के उत्पादन से जुड़ी सभी गतिविधियां संचालित की जाएंगी । किसानों की दक्षता और क्षमता बढ़ाने के लिए उन्हें प्रशिक्षण भी दिया जाएगा । जिससे वह नई आधुनिक तकनीक सीख कर दुग्ध का बेहतर उत्पादन कर सके। इस व्यवस्था की कड़ी निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। जिससे उत्पादन पर पारदर्शिता बनी रहे और उत्पादकों को समय पर भुगतान मिल सके।

सांची ब्रांड के विस्तार हेतु दिए निर्देश:
मोहन यादव ने सभी जिलों में समान रूप से डेरी गतिविधियां संचालित करने और सांची ब्रांड के अधिकतम विस्तार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सांची के उत्पादन में गोवंश और गोपाल की पहचान को शामिल किया जाए जिससे लोगों में ग्रामीण संस्कृति और भरोसे का भाव मजबूत हो।

टिप्पणियां (0)