28 अप्रैल 2026
नई दिल्ली:
देश की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर हुआ है। आम आदमी पार्टी (आप) के सात राज्यसभा सांसदों के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में विलय को राज्यसभा के सभापति सी पी राधाकृष्णन ने आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस फैसले के साथ ही सदन में पार्टी की स्थिति और समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं।
24 अप्रैल से ही भाजपा सदस्य माने गए सांसद
राज्यसभा सचिवालय की ओर से जारी ताजा अपडेट के मुताबिक, राघव चड्ढा, संदीप पाठक और स्वाति मालीवाल समेत कुल सात सांसदों को 24 अप्रैल से भाजपा सदस्य के रूप में मान्यता दे दी गई है। इन सांसदों ने ‘आप’ से बगावत कर भाजपा में शामिल होने की घोषणा की थी और सभापति से उनके विलय को मंजूरी देने की मांग की थी। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद सोमवार को राज्यसभा की संशोधित सूची जारी की गई, जिसमें इन सभी के नाम अब भाजपा सांसदों के रूप में दर्ज हैं।
भाजपा में शामिल होने वाले सात चेहरे:
1. राघव चड्ढा
2. संदीप पाठक
3. स्वाति मालीवाल
4. अशोक मित्तल
5. हरभजन सिंह
6. विक्रमजीत साहनी
7. राजेंद्र गुप्ता
राज्यसभा में बदल गया सीटों का गणित
इस विलय के बाद राज्यसभा में सीटों की संख्या में बड़ा बदलाव आया है:
भाजपा की ताकत बढ़ी: सदन में भाजपा सदस्यों की संख्या 106 से बढ़कर अब 113 हो गई है।
आम आदमी पार्टी को झटका: राज्यसभा में ‘आप’ के सांसदों की संख्या 10 से घटकर अब केवल 3 रह गई है।
इस घटनाक्रम पर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन ने चुटकी लेते हुए कहा कि अब ‘आप’ नेता संजय सिंह सदन में लंबे भाषण नहीं दे पाएंगे। उन्होंने कहा कि संजय सिंह अपने साथी सांसदों के दम पर समय लेकर लंबी बात कहते थे, लेकिन अब सांसदों की संख्या घटने से उन्हें अपनी बात बहुत संक्षिप्त में रखनी होगी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब संजय सिंह को अपने साथियों की कमी जरूर खलेगी।
संसदीय कार्य मंत्री का बयान
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी इस बदलाव पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर कहा कि इन सांसदों के आने से सदन की कार्यक्षमता में बदलाव दिखेगा। उन्होंने यह भी गौर किया कि इन सात सांसदों ने पार्टी छोड़ते समय शालीनता बनाए रखी और किसी भी तरह की अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं किया।
यह बदलाव न केवल राज्यसभा में भाजपा को और मजबूत करेगा, बल्कि आगामी विधायी प्रक्रियाओं और वोटिंग के दौरान भी विपक्षी एकता के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।


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