रामनवमी 2026:कब है रामनवमी 26 या 27 मार्च आईए जानें सही तिथि और शुभ मुहूर्त:
संवाददाता
23 March 2026
अपडेटेड: 8:45 PM 0rdGMT+0530
23 मार्च 2026 :
रामनवमी क्यों मनाते हैं:
चैत्र मास के नवमी तिथि को रामनवमी मनाया जाता है। रामनवमी के दिन भगवान श्री राम का जन्मोत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है।
रामनवमी दो तिथियां में पड़ने के कारण लोगों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि 26 मार्च को सुबह 11:48 से प्रारंभ हो रही है और 27 मार्च को 10:06 पर समाप्त हो रही है। उदया तिथि के अनुसार 27 मार्च को रामनवमी मनाई जाएगी।
किंतु ऐसी मान्यता है कि भगवान राम का जन्म दोपहर के समय हुआ था, यानी रामनवमी का दिन का मध्याह्न काल यानि दोपहर का समय विशेष शुभ माना जाता है। और दोपहर के समय ही राम जन्मोत्सव मनाना चाहिए । ऐसे में रामनवमी 26 मार्च को मनाया जाएगा।
एक ही दिन दो तिथियों का संयोग:
ज्योतिष के जानकारी के अनुसार 26 मार्च को ही अष्टमी और नवमी तिथि का संयोग बन रहा है। इसलिए 26 तारीख को ही पूजा करना ज्यादा उचित समझा जा रहा है।
26 मार्च को अष्टमी पूजा का समय:
26 मार्च को आप अष्टमी की पूजा का शुभ समय सुबह 6:16 से 7:48 तक रहेगा इस दौरान माता का पूजन और कन्या पूजन करना शुभ माना जाता है।
किंतु कुछ लोग यदि 27 मार्च को रामनवमी मनाना चाहते हैं तो उनके लिए पूजा का शुभ मुहूर्त रहेगा 27 मार्च को सुबह 11:13 से दोपहर 1:41 तक पूजन कर सकते हैं ।
किंतु अधिकतर लोग 26 मार्च को ही अष्टमी और नवमी का पूजन करेंगे। फिर भी आप अपनी परंपरा और सुविधा के अनुसार अपनी पूजा का दिन तय कर सकते हैं।
रामनवमी में कैसे करें पूजा:
रामनवमी के दिन सुबह स्नानादि से निवृत हो स्वच्छ कपड़े पहन मंदिर की साफ सफाई करें। सबसे पहले भगवान गणेश के का पूजन करें और फिर एक चौकी में लाल या सफेद रंग का कपड़ा बेचकर भगवान श्री राम की तस्वीर या मूर्ति को स्थापित करें। उसके पहले गंगाजल से भगवान राम का अभिषेक करें और फिर हल्दी कुमकुम चंदन से तिलक करें। अक्षत फूल और वस्त्र अर्पित करें धूप दीप जलाकर पूजन करें और भोग लगाएं।
राम रक्षा स्त्रोत या रामायण का पाठ करना अति शुभ रहेगा । भगवान से सुख शांति और समृद्धि की कामना करें।
पूजन के बाद घर में हवन करने से घर से नकारात्मकता दूर होती है। भगवान राम की कृपा प्राप्त होती है।