Share


23 जून 2026:
उत्तर प्रदेश/ लखनऊ/

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कल दोपहर एक रिहायशी बिल्डिंग में भीषण आग से 15 लोगों की मौत हो गई। यह अग्निकांड लखनऊ के अलीगंज में तीन मंजिला कमर्शियल एक काम्पलेक्स में एक एनीमेशन सेंटर में हुआ। आग लगने के बाद पूरी बिल्डिंग में काला धुआं भर गया। बताया जा रहा है कि उस समय इस बिल्डिंग में करीब 30 छात्र मौजूद थे।  कुछ छात्र जान बचाने के लिए बिल्डिंग के पीछे वाले हिस्से के बाथरूम में छुप गए।  जिससे वह बाहर नहीं निकल सके और वही उनके दम घट गया।  कुछ बच्चों ने पहले मंजिल से छलांग लगा दी, जिससे उनके पैर में फ्रैक्चर हो गया कुछ बच्चे सीधे ग्रिल पर गिरे।
बताया जा रहा है कि आग पहले ग्राउंड फ्लोर पर लगी और फिर थोड़ी ही देर में पूरी बिल्डिंग में आग फैल गई। ऊपर की मंजिल में कुछ छात्र और कर्मचारी मौजूद थे। आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं है जानकारी के अनुसार ग्राउंड फ्लोर पर एक पेंट शॉप में शॉर्ट सर्किट से आग लगना बताया जा रहा है। कुछ का कहना है कि शायद बेसमेंट में लगे ऐसी के कंप्रेसर में ब्लास्ट हुआ था, इससे आग लग गई।

लापरवाही से हुई इतनी बड़ी दुर्घटना: भीषण अग्निकांड की इस  घटना को लोग हत्या बता रहे हैं।क्ष क्योंकि इस बिल्डिंग का निर्माण नियमों के अनुसार नहीं हुआ था और जिम्मेदारों ने इस पर कभी ध्यान नहीं दिया।  मरने वालों में ज्यादातर छात्र हैं ,जो दूसरी मंजिल पर डिजिटल लाइब्रेरी और  एनिमेशन सेंटर आये  हुए थे। इस बिल्डिंग में कोई भी आपातकालीन व्यवस्था नहीं बनाई गई थी । सीढ़ियां भी अत्यंत संकरी थी।  आग लगने के बाद पूरी बिल्डिंग में धुआं भर गया और  निकलने के लिए केवल एक ही रास्ता था, जो अत्यंत सकरा था । इन सीढियों में धुआं भरने से रास्ता पूरी तरह से ब्लॉक हो गया। इसके अलावा बिल्डिंग में आग बुझाने के कोई पुख्ता इंतजाम भी नहीं थे। इसमें लगा हुआ हाइड्रेंट सिस्टम काम भी नहीं कर रहा था।
बताया जा रहा है कि इस ऑफिस में 3D एनीमेशन लगा हुआ था जिसमें लगभग 40 लोग काम करते थे।  ऑफिस का मुख्य गेट थंब इंप्रेशन से खुलता था। किंतु आग लगने के बाद थंब इंप्रेशन काम नहीं कर रहा था‌  जिसकी वजह से अंदर फंसे हुए लोग बाहर नहीं निकल पाए।

इस बिल्डिंग के मालिक को किया गिरफ्तार:
इस बिल्डिंग की जमीन के मालिक रामेश्वरम इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट कॉलेज  वीरेंद्र शुक्ला है। पुलिस ने वीरेंद्र शुक्ला सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ विकास प्राधिकरण के चार अफसर को सस्पेंड कर दिया है।  क्योंकि इस बिल्डिंग को परमिशन देने वाले लोगों में भी वे शामिल थे।  इसके अलावा 16 अफसरों पर कार्रवाई भी हो सकती है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिया संज्ञान:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना की जांच के लिए दो सदस्यीय एसआईटी गठित किया  है। संस्थाओं के मानकों के उल्लंघन पर करीब 22 कोचिंग संस्थान सील कर दिए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेता, प्रतिपक्ष राहुल गांधी,बसपा की मायावती और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है।


Share