7 जुलाई 2026:मंगलवार:
मध्य प्रदेश /उज्जैन/
सिंहस्थ 2028 की तैयारियां जोरों से हो रही है । इन तैयारी में पर्यावरण और विकास को ध्यान में रखते हुए उज्जैन प्रशासन में व्यापक हरित अभियान शुरू किया है । जिसे ‘ग्रीन कुंभ’ की अवधारणा के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। उज्जैन प्रशासन ने इस महा अभियान के तहत पूरे शहर और सिंघस्थ क्षेत्र में 10 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है । जिसमें 114 किलोमीटर लंबी सड़कों को हरित कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा।
इस अभियान के तहत करीब 3 लाख से अधिक गढ्ढों की खुदाई पूरी की जा चुकी है। और सिंघस्थ 2028 से पहले इस पूरे क्षेत्र को हरियालीनुमा, छायादार और पर्यावरण अनुकूल बनाने हेतु अभियान शुरू कर दिया गया है।
यूरोप की हीट वेव और बढ़ते तापमान को देखते हुए अभियान:
उज्जैन प्रशासन का मानना है कि तापमान में दिनों दिन बढ़ोतरी हो रही है और यूरोप की हीट वेव को चुनौती मानते हुए भविष्य की जलवायु चुनौतियों से निपटने के लिए पर्यावरण अनुकूल अधो संरचना तैयार की जा रही है।
प्रमुख पौधे हैं इस अभियान का हिस्सा:
इसके अंतर्गत सिंहस्थ क्षेत्र के प्रमुख सड़कों के दोनों और 84 हजार बड़े और छायादार पौधे रौपें जाएंगे । इनमें मुख्य रूप से नीम,करंज, जामुन जैसी प्रजातियों को शामिल किया जाएगा। जिनकी ऊंचाई करीब 10 से 12 फीट होगी और कम समय में ही तेजी से विकसित होकर छायादार बन सकेंगे।
सनातन परंपरा के अनुसार पीपल बरगद ,नीम और बेल जैसे वृक्षों को भी इस अभियान में शामिल किया गया है। यह पौधे हरियाली बढ़ाने के साथ-साथ धार्मिक आस्था और पर्यावरण अनुकूल माने जाते हैं। इन वृक्षों को विशेष धार्मिक महत्व प्राप्त है। इन पौधों के पौधारोपण से पुण्य और यज्ञ के समान कार्य बताया गया है।
इसके अलावा लंबे घाट और संपर्क मार्गों के किनारों पर भी पौधारोपण किया जाएगा । शहर के 400 से अधिक उद्यान, प्रमुख जलाशयों के तट, शासकीय परिसरों और कई संस्थान क्षेत्र में भी पौधारोपण को इस अभियान से जोड़ा गया है। इसके अंतर्गत उनका संरक्षण, देखभाल और नियमित निगरानी की जाएगी।


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