Share

27 मार्च 2026:

मध्य प्रदेश /जबलपुर/

जबलपुर हाई कोर्ट ने सेना भर्ती को लेकर अहम फैसला देते हुए कहा है कि परिवार का एक बेटा पहले से सेना में होने के आधार पर दूसरे बेटे को भर्ती से वंचित नहीं किया जा सकता। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की बेंच ने यूनिट हेडक्वार्टर कोटे के तहत दूसरे बेटे को भी लाभ देने का अधिकार माना है।

कोर्ट ने सेना द्वारा मांगा गया वह शपथ पत्र भी अनुचित ठहराया, जिसमें परिवार के दूसरे बेटे के पहले भर्ती न होने की घोषणा कराई जाती थी। और यह स्पष्ट किया गया कि कोटा और – बोनस अंक अलग-अलग प्रावधान हैं-बोनस अंक एक बेटे तक सीमित हो सकते हैं, लेकिन कोटे का लाभ दोनों को मिल सकता है।


Share