48 घंटे में होर्मुज खोलने की ट्रंप की चेतावनी, ईरान ने दी सख्त प्रतिक्रिया
संवाददाता
23 March 2026
अपडेटेड: 4:14 PM 0rdGMT+0530
23 मार्च 2026
तेहरान/वाशिंगटन/तेल अवीव
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि 48 घंटे के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट्स को निशाना बना सकता है।
इसके जवाब में ईरान ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य उसके दुश्मनों के लिए बंद रहेगा। साथ ही ईरान ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि उसके पावर प्लांट्स पर हमला किया गया, तो वह खाड़ी देशों के पावर प्लांट्स को तबाह कर देगा। इस बीच ईरान ने इजरायली जेट को मार गिराने का दावा भी किया है, साथ ही सऊदी, बहरीन और कतर पर मिसाइल-ड्रोन के हमले भी जारी रखे l
ईरान की यह रणनीति खाड़ी देशों के लिए गंभीर संकट खड़ा कर सकती है। इन देशों में पीने के पानी का बड़ा हिस्सा समुद्री जल के डिसैलिनेशन (नमक हटाने) पर निर्भर है। यदि पावर प्लांट्स पर हमला होता है, तो पानी और बिजली दोनों की सप्लाई प्रभावित हो सकती है, जिससे हालात और बिगड़ सकते हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है। इस क्षेत्र में तनाव बढ़ने से वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर पड़ सकता है। नाटो देशों की भूमिका को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। ईरानी मिसाइलों की पहुंच यूरोप के कुछ हिस्सों तक बताई जा रही है, जिससे खतरा और बढ़ गया है।
ईरानी मिसाइल हमलों से इजरायल में 300 घायल; नतांज हमले पर बढ़ा विवाद
मध्य-पूर्व में तनाव और बढ़ गया है। ईरान द्वारा किए गए मिसाइल हमलों में इजरायल के परमाणु केंद्रों को निशाना बनाया गया, जिसमें लगभग 300 लोग घायल हो गए।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि उनके देश ने ईरान के नतांज परमाणु साइट पर कोई हमला नहीं किया है। वहीं, अमेरिका ने भी ईरान पर हुए हमले में अपनी किसी भी भूमिका से इनकार किया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान ने नतांज परमाणु केंद्र पर कथित हमले के जवाब में शनिवार को इजरायली परमाणु ठिकानों पर मिसाइल हमले किए।
इस घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है और स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है।यह टकराव अगर बढ़ता है, तो इसका असर केवल मध्य-पूर्व ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है।