प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय इजरायल के दौरे पर हैं । जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। पीएम मोदी का 9 साल के बाद यानी 2017 के बाद यह पहला इजरायली दौरा है। सबसे पहले वे बेन गुरियन एयरपोर्ट पर पहुंचे, जहां इसराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू और फर्स्ट लेडी सारा नेतन्याहू ने प्रधानमंत्री मोदी का गर्भ जोशी से स्वागत किया।
पीएम मोदी ने इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ,इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग से मुलाकात की। इजरायल की संसद में पीएम मोदी का स्वागत स्पीकर ने ‘नमस्ते इंडिया’ बोलकर कियागया। उन्होंने कहा कि ‘भारत दुनिया का सबसे तेजी से विकास करने वाला देश है’।भारत में यहूदियों के सम्मान का जिक्र करते हुए कहा कि ‘भारत ने यहूदियों को घर दिया’।

9 साल के बाद प्रधानमंत्री का इजरायली दौरा:
9 साल के बाद एक बार फिर ऐसा मौका आया है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इजराइल के दौरे पर जा रहे हैं। इजराइल के लिए रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने कहा कि वो प्रधानमंत्री नेतन्याहू के साथ अपनी बातचीत का इंतजार कर रहे हैं, जिसका मकसद है आपसी संबंधों को मजबूती देना औऱ और आपसी सहयोग को बढ़ाना और इशी मकसद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इजराइल के लिए रवाना हो चुके हैं। इजराइली संसद को संबोधित करने के मौके को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि भारत और इजराइल के बीच एक मजबूत, कई तरह की स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप है, जिसमें हाल के सालों में जबरदस्त बढ़ोतरी और तेजी देखी गई है.” यह दोनों देशों के मजबूत लोकतांत्रिक संबंधों को सम्मान देने जैसा होगा।
आइये जानते है पीएम मोदी और नेतन्याहू के बीच किन मुद्दों पर बात होने वाली है।

रक्षा और सुरक्षा से संबंधित जिसमें नए हथियारों और डिफेंस टेक्नोलॉजी पर चर्चा होगी।
बैंकिंग सिस्टम पर जिसमें क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट और बैंकिंग सिस्टम को और आसान बनाने संबंधी जानकारी जुटाई जाएगी।
खेती और पानी से संबंधित जिसमें इजरायल की मॉडर्न टेक्नोलॉजी से भारतीय किसानों की मदद कैसे की जा सकती है।
इसके अलावा साइंस और इनोवेशन- जिसमें दोनों देशों के वैज्ञानिक मिलकर नई खोजें करें ।

पीएम मोदी वहां इजराइल के राष्ट्रपति आइज़ैक हर्ज़ोग से भी मुलाकात करेंगे। एक बार फिर ये मौका दोनों देशों के लिए अच्छे संकेल लेकर आया है। यहां पीएम भारतीय समुदाय के लोगों से भी बातचीत करेंगे।
आतंकवाद है बड़ा मुद्दा:
पीएम मोदी की यात्रा से पहले दोनों देशों ने के बीच आतंकवाद एख बड़ा मुद्दा है जिससे भारत औऱ इजराइल दोनों जूझ रहे हैं। .लेकिन दोनों ही देसों का संकल्प है आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। दोनों देशों ने सूचना साझा करने समेत अलग-अलग माध्यमों के जरिए आतंकवाद के खिलाफ सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया…तो अब देखना होगा पीएम की इस महत्वपूर्ण इजराइल यात्रा में रिश्तों की मजबूती और आपसी सहयोग का ये सिलसिला और किस स्तर तक आयेगा….जिसका दोनों ही देशों को इंतजार है…औऱ दुनियाभर की निगाह है…


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