बड़ा तालाब के कैचमेंट क्षेत्र में अतिक्रमण: अवैध निर्माणों पर चला बुलडोजर
संवाददाता
26 February 2026
अपडेटेड: 1:16 PM 0thGMT+0530
पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रशासन सख्त, सीमांकन के बाद शुरू हुई कार्रवाई
भोपाल के बड़े तालाब क्षेत्र में अतिक्रमण और अवैध निर्माणों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। सीमांकन पूरा होने के बाद अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची और करीब तीन घंटे तक अभियान चलाकर कई अवैध निर्माणों को हटाया गया। दरअसल एनजीटी की सख्ती और सांसद आलोक शर्मा की बैठक के बाद अधिकारियों ने तालाब का सीमांकन शुरू किया हैl बुधवार को बैरागढ़ वृत क्षेत्र में नायब तहसीलदार ,आरआई, पटवारी, नगर निगम और टीएंडसीपी के अधिकारियों की मौजूदगी में 3:30 घंटे तक कार्रवाई चली l प्रशासन का कहना है कि तालाब और उसके आसपास के पर्यावरण को सुरक्षित रखना प्राथमिकता है।
सेल्फी प्वाइंट, केके हाउस और अन्य ढांचों पर कार्रवाई
कार्रवाई के दौरान तालाब किनारे बने सेल्फी प्वाइंट, के के हॉउस, राज्य मंत्री नरेश शिवाजी पटेल के बंगले का हिस्सा, काले खान, रशीद व मुनीर, मोहम्मद अफजल खान, डॉक्टर राजीव सिंह, शोएब दस्तगीर के मकान दो अन्य मकान तथा एक धार्मिक स्थल की बाउंड्री वाल, गेट सहित कई निर्माण चिन्हित किए गए । प्रशासन ने बताया कि ये ढांचे नियमों के खिलाफ बनाए गए थे और जल स्रोत को नुकसान पहुंचा रहे थे। मौके पर भारी पुलिस बल भी तैनात रहा, जिससे अभियान शांतिपूर्ण ढंग से पूरा किया जा सके।
पहले जारी किए गए थे नोटिस, अब मिला अतिक्रमण हटाने का मौका
अधिकारियों के अनुसार, जिन लोगों ने तालाब के कैचमेंट क्षेत्र में निर्माण किया था, उन्हें पहले ही नोटिस देकर दस्तावेज प्रस्तुत करने और स्वयं हटाने का समय दिया गया था। कई लोगों ने खुद ही निर्माण हटा लिए, जबकि शेष स्थानों पर प्रशासन ने मशीनों की मदद से कार्रवाई की।
कैचमेंट एरिया में निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित, नियमों का उल्लंघन नहीं होगा
प्रशासन ने साफ किया है कि बड़े तालाब के 50 मीटर कैचमेंट क्षेत्र में किसी भी प्रकार का निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद कुछ लोगों ने अवैध कब्जे और निर्माण कर लिए थे। अब ऐसे मामलों में सख्ती बरती जाएगी और आगे भी नियमित निगरानी जारी रहेगी।
10 साल में एक बड़ी कार्रवाई 4 सर्वे
तालाब के कैचमेंट में फैले हुए अतिक्रमणों को हटाने की 10 साल में एक बड़ी कार्यवाही भदभदा झुग्गी बस्ती के 386 घरों को हटाने की की गई थी ,जबकि वर्ष 2016 से अब तक चार बार सर्वे हुआ लेकिन सीमा तय नहीं हो सकी l राजस्व अमले के द्वारा सीमांकन की कार्यवाही गुरुवार को खानू गांव से शुरू होगी ,इसमें जितने भी अवैध निर्माण बड़ा तालाब के कैचमेंट में आते हैं उन्हें चिन्हित कर पीले निशान लगाए जाएंगे l गत अक्टूबर में सर्वे शुरू किया गया थाl
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पर्यावरण संरक्षण और जल स्रोतों की सुरक्षा के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।