संपत्ति पर आपत्ति के लिए यूनिक लैंड आईडी जरूरी, 250 रुपये शुल्क तय
संवाददाता
6 March 2026
अपडेटेड: 2:41 PM 0thGMT+0530
6 मार्च 2026
भोपाल। प्रदेश में जमीन से जुड़े विवादों और आपत्तियों के निपटारे की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए अब यूनिक लैंड आईडी या रजिस्ट्री नंबर बताना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके बिना किसी भी जमीन पर आपत्ति दर्ज नहीं की जा सकेगी। यह व्यवस्था संपदा पोर्टल के माध्यम से लागू की जा रही है, जिससे पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और पारदर्शी बनेगी।
राज्य सरकार के अनुसार अब नागरिक अपनी जमीन पर आपत्ति ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। इसके लिए जमीन की यूनिक आईडी या रजिस्ट्रेशन नंबर देना जरूरी होगा। केवल सामान्य जानकारी देकर शिकायत दर्ज नहीं की जा सकेगी। पंजीयन विभाग के मुताबिक, यूनिक आईडी और रजिस्ट्रेशन नंबर से आपत्ति सीधे संबंधित अधिकारी तक पहुंचाई जा सकेगी।
ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करने के लिए 250 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है। शिकायत के साथ संबंधित दस्तावेज भी अपलोड करने होंगे, जिनकी जांच के बाद रजिस्ट्रार अंतिम निर्णय लेंगे। जरूरत पड़ने पर अधिकारियों द्वारा दोनों पक्षों को सुनवाई का अवसर भी दिया जाएगा।
अधिकारियों का कहना है कि नई व्यवस्था से फर्जी शिकायतों पर रोक लगेगी और जमीन से जुड़े मामलों का समाधान अधिक पारदर्शी तरीके से हो सकेगा। इससे लोगों को कार्यालयों के चक्कर भी नहीं लगाने पड़ेंगे और पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से पूरी की जा सकेगी।