होली आने वाली है लेकिन होली से पहले होलाष्टक आते हैं
संवाददाता
7 March 2025
अपडेटेड: 4:29 PM 0thGMT+0530
होलाष्टक होली जलने से पूर्व के आठ दिनों का काल होता है
होली आने वाली है लेकिन होली से पहले होलाष्टक आते हैं……आज से होलाष्टक लग चुके हैं….होलाष्टक को हिंदू धर्म में शुभ नहीं माना गया है… होलाष्टक होली जलने से पूर्व के आठ दिनों का काल होता है, जो फागुन माह के शुक्लपक्ष की अष्टमी से लेकर होलिका दहन तक रहता है……इस दौरान कोई भी शुभ कार्य करना वर्जित बताया गया है…यानि इन 8 दिनों में कोई भी शुभ और मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं… ऐसा करने से जीवन में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है…कार्य पूर्ण नहीं होते और असफलता ही हाथ लगती है… होलाष्टक के दौरान किए गए कार्य करने में बहुत सी बाधाएं भी आती हैं…इसीलिए होलाष्टक में कोई भी शुभ कार्य करना पूर्ण रूप से वर्जित बताया गया है… पंचाग के मुताबिक, इस साल होलाष्टक 7 मार्च 2025 से आरंभ हो रहे हैं और होलाष्टक का समापन 13 मार्च यानी होलिका दहन के दिन होगा… अब आइये आपको बताते हैं कौन कौन से कार्य हैं जो इस दौरान नहीं किये जा सकते…
विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, जनेऊ संस्कार, नामकरण जैसे शुभ कार्य वर्जित माने गए हैं…. इस समय किए गए कार्य सफल नहीं होते और बाधाओं का सामना करना पड़ता है
इस दौरान घर में लड़ाई-झगड़ा करना, किसी को अपशब्द कहना और दूसरों का अपमान करना अशुभ होता है… इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा का वास हो जाता है जो जीवनभर परेशानियां देता हैं।
इस समय नए कपड़े, गहने, वाहन या संपत्ति खरीदने से बचना चाहिए… इस दौरान खरीदी गई चीजों का स्थायित्व कम रहता है और वे जल्दी नष्ट हो सकती हैं।
होलाष्टक में मांस-मदिरा, प्याज-लहसुन, तामसिक भोजन और नशे से परहेज बताया गया है इससे मानसिक और शारीरिक ऊर्जा प्रभावित होती है और नकारात्मकता बढ़ती है…
अब आइये आपको बताते हैं इस दौरान कौन से कार्य करने चाहिए….
होलाष्टक में विष्णु सहस्रनाम, हनुमान चालीसा या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना चाहिए…
पूर्वजों को याद कर होलाष्टक के दौरान पितरों का तर्पण और पिंडदान करने से पूर्वजों की विशेष कृपा प्राप्त होती है…
होलाष्टक में गरीब और जरूरतमंदों को अनाज, वस्त्र और रूपयों का दान करना शुभ है…
होलाष्टक के दौरान पूजा और जप कराना बेहद फलदायी है ..फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है… इस बार पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ 13 मार्च को सुबह 10 बजकर 35 मिनट पर होगा… पूर्णिमा तिथि समाप्त 14 मार्च को दोपहर 12 बजकर 23 मिनट पर होगा.. इस साल होली का त्यौहार 14 मार्च 2025 को मनाया जाएगा…