ईरान-इजरायल तनाव के बीच अमेरिका अलग-थलग पड़ा, नाटो देशों ने किया युद्ध से इनकार
संवाददाता
18 March 2026
अपडेटेड: 4:01 PM 0thGMT+0530
18 मार्च 2026
वाशिंगटन l नाटो देशों ने साफ किया रुख
ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका को अपने सहयोगी देशों का पूरा समर्थन नहीं मिल पा रहा है। नाटो देशों ने स्पष्ट कर दिया है कि यह उनकी लड़ाई नहीं है और वे सीधे तौर पर युद्ध में शामिल नहीं होंगे।
होर्मुज जलडमरूमध्य बना बड़ा मुद्दा
ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल आपूर्ति रोकने के कदम से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा है। इस स्थिति को देखते हुए अमेरिका ने अपने सहयोगी देशों से इस रास्ते को फिर से खुलवाने में मदद की अपील की है।
ट्रंप की अपील पर सहयोगियों का इनकार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो देशों से इस अहम समुद्री मार्ग को सुरक्षित करने में सहयोग मांगा, लेकिन सहयोगी देशों ने अपने जहाज भेजने से मना कर दिया। इससे अमेरिका की रणनीतिक स्थिति कमजोर होती दिख रही है।
जर्मनी ने साफ कहा कि यह यूरोप का युद्ध नहीं है। वहीं ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने भी स्पष्ट किया कि उनका देश इस संघर्ष में शामिल नहीं होगा। उन्होंने यह भी माना कि होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना जरूरी है, लेकिन यह आसान नहीं है।
इटली ने इस संकट के समाधान के लिए युद्ध के बजाय कूटनीतिक बातचीत का रास्ता अपनाने की सलाह दी है। इटली के विदेश मंत्री ने कहा कि इस मुद्दे का समाधान केवल संवाद से ही संभव है।
वैश्विक तनाव के बीच अनिश्चित स्थिति
ईरान-इजरायल संघर्ष का कोई स्पष्ट अंत नजर नहीं आ रहा है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बढ़ता जा रहा है और दुनिया की नजरें इस संकट के आगे के घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।