महिला सुरक्षा: अब रास्ते के कांटों को साफ करेगा ‘SHe-Box’ पोर्टल, जानें कैसे करेगा काम

khabar pradhan

संवाददाता

31 March 2026

अपडेटेड: 4:12 PM 0stGMT+0530

महिला सुरक्षा: अब रास्ते के कांटों को साफ करेगा ‘SHe-Box’ पोर्टल, जानें कैसे करेगा काम


31 मार्च 2026
नई दिल्ली:

महिलाओं की सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए केंद्र सरकार अपने खास ‘शी-बॉक्स’ (SHe-Box) पोर्टल को अपग्रेड कर रही है। अब तक इस पोर्टल का इस्तेमाल केवल कार्यस्थल (Office) पर होने वाले यौन उत्पीड़न की शिकायत के लिए किया जाता था, लेकिन अब इसका दायरा बढ़ा दिया गया है।
अब अगर किसी महिला के साथ घर से ऑफिस जाते समय रास्ते में, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन या मार्केट में भी छेड़खानी होती है या कोई फब्तियां (ताने) कसता है, तो उसकी शिकायत भी इसी पोर्टल पर दर्ज की जा सकेगी।

देश के 17 हजार पुलिस थानों से जुड़ेगा पोर्टल
सरकार इस पोर्टल को तकनीकी रूप से इतना मजबूत बना रही है कि इसे देश के सभी 17,000 पुलिस थानों से सीधे जोड़ दिया जाएगा। अगले एक-दो महीनों में यह अपग्रेडेशन पूरा हो जाएगा।
इसका फायदा क्या होगा? जैसे ही कोई महिला पोर्टल पर शिकायत दर्ज करेगी, वह जानकारी तुरंत उसके नजदीकी पुलिस थाने में पहुंच जाएगी। इससे पुलिस को उन इलाकों (हॉटस्पॉट) की पहचान करने में मदद मिलेगी जहाँ महिलाएं सुरक्षित महसूस नहीं करतीं, और वहां गश्त (Petrolling) बढ़ाई जा सकेगी।
बिना पहचान बताए कर सकेंगी शिकायत
इस पोर्टल की सबसे बड़ी खूबी यह है कि सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में काम करने वाली महिलाएं अपनी पहचान उजागर किए बिना भी शिकायत दर्ज करा सकती हैं।

शिकायत दर्ज करने का तरीका:
महिला को पोर्टल (shebox.wcd.gov.in) पर जाकर अपना नाम, पता, घटना वाली जगह और घटना का संक्षिप्त विवरण देना होगा।
जल्द ही इसका मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया जाएगा, जिससे चलते-फिरते शिकायत करना और भी आसान हो जाएगा।

कार्यस्थल पर उत्पीड़न के खिलाफ कड़े नियम (POSH Act)
ऑफिस में होने वाले उत्पीड़न के मामलों में अभी भी POSH एक्ट 2013 के नियम लागू रहेंगे। इसके तहत:
शिकायत मिलने के बाद संबंधित कंपनी की समिति को 90 दिनों के भीतर जांच पूरी करना अनिवार्य है।
जांच पूरी होने के बाद अगले 60 दिनों के भीतर दोषी पर उचित कार्रवाई करना जरूरी है।

महिलाओं के लिए ‘जासूस’ का काम करेगा पोर्टल
मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक, यह पोर्टल एक तरह से पुलिस के लिए ‘जासूस’ की तरह काम करेगा। जिस रास्ते या बस स्टॉप से ज्यादा शिकायतें आएंगी, पुलिस वहां सादी वर्दी में तैनात होकर मनचलों को रंगे हाथ पकड़ सकेगी। सरकार का मकसद एक ऐसा सुरक्षित माहौल बनाना है जहाँ महिलाएं बिना डरे कहीं भी आ-जा सकें। पोर्टल का नया वर्जन आने वाले समय में महिला सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा गेम-चेंजर साबित हो सकता है।

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