भोपाल नगर निगम का बड़ा कदम: ‘अमृत’ प्रोजेक्ट के लिए वर्ल्ड बैंक से लेगा 450 करोड़ का कर्ज

khabar pradhan

संवाददाता

7 April 2026

अपडेटेड: 3:34 PM 0thGMT+0530

भोपाल नगर निगम का बड़ा कदम: ‘अमृत’ प्रोजेक्ट के लिए वर्ल्ड बैंक से लेगा 450 करोड़ का कर्ज

7 अप्रैल 2026

भोपाल:

राजधानी भोपाल को बेहतर सुविधाएं देने के लिए नगर निगम अब एक बड़ा वित्तीय कदम उठाने जा रहा है। शहर में चल रही अमृत परियोजना को रफ्तार देने के लिए नगर निगम ने वर्ल्ड बैंक की सहयोगी संस्था इंटरनेशनल फाइनेंस कॉर्पोरेशन (IFC) से 450 करोड़ रुपये का कर्ज लेने की तैयारी पूरी कर ली है। सोमवार को निगम अधिकारियों और IFC के बीच इसके लिए जरूरी ‘अधिदेश पत्र’ (Mandate Letter) पर हस्ताक्षर भी हो गए हैं।

क्यों पड़ी कर्ज की जरूरत?
भोपाल नगर निगम फिलहाल वित्तीय संकट से जूझ रहा है। शहर के विकास और बुनियादी सुविधाओं (जैसे सीवरेज और जलापूर्ति) के काम फंड की कमी के कारण न रुकें, इसलिए यह फैसला लिया गया है। निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने बताया कि म्यूनिसिपल बॉन्ड के जरिए पैसा जुटाने की कोशिश की गई थी, लेकिन वह पर्याप्त नहीं था। इसलिए अब विदेशी कर्ज का सहारा लिया जा रहा है।
इन कामों पर खर्च होगा पैसा
इस 450 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट से शहर की सूरत बदलने की योजना है:
शहर के हर हिस्से में शुद्ध पेयजल की सप्लाई सुनिश्चित करना।
सीवरेज लाइनों का विस्तार और आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम का निर्माण ताकि जलभराव की समस्या खत्म हो।

शहर की झीलों का संरक्षण, हरियाली बढ़ाना और जल स्रोतों को पुनर्जीवित करना।

आम जनता पर क्या होगा असर?
जहां एक तरफ इस कर्ज से विकास कार्य तेज होंगे, वहीं दूसरी तरफ जानकारों का मानना है कि इसका बोझ अंततः जनता की जेब पर पड़ सकता है।
450 करोड़ का कर्ज और उस पर लगने वाला ब्याज चुकाने के लिए निगम भविष्य में प्रॉपर्टी टैक्स या अन्य करों में बढ़ोतरी कर सकता है।
निगम की आर्थिक स्थिति पहले से ही नाजुक है। अधिकारियों का तर्क है कि विकास के लिए यह जोखिम जरूरी है, लेकिन अगर निगम अपनी आय के स्रोत नहीं बढ़ाता, तो भविष्य में यह कर्ज चुकाना एक बड़ी चुनौती होगी।

विदेशी कर्ज लेने के लिए अभी राज्य सरकार की अंतिम अनुमति मिलना बाकी है। अनुमति मिलते ही कागजी कार्रवाई पूरी कर फंड जारी कर दिया जाएगा। निगम प्रशासन का लक्ष्य है कि पैसों की कमी की वजह से शहर का कोई भी विकास कार्य अधूरा न रहे।

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