1 मई 2026
नई दिल्ली:
भारत और वियतनाम के बीच संबंध मजबूत हो रहे हैं। वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम 5 से 7 मई तक भारत की यात्रा पर आ रहे हैं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच सैन्य साझेदारी को और मजबूत बनाना है।
इस यात्रा के दौरान, भारत और वियतनाम के बीच लगभग 5,800 करोड़ रुपये (700 मिलियन डॉलर) की ब्रह्मोस मिसाइल डील पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। यह एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि यह वियतनाम को अपनी रक्षा क्षमता बढ़ाने में मदद करेगा और भारत की रक्षा निर्यात को भी बढ़ावा देगा।
ब्रह्मोस मिसाइल दुनिया की सबसे तेज़ क्रूज मिसाइल है और इसे सतह, जहाज और विमान से दागा जा सकता है। यह मिसाइल भारत और रूस के संयुक्त उद्यम द्वारा विकसित की गई है और पहले ही फिलीपींस द्वारा खरीदी जा चुकी है। वियतनाम द्वारा इसे खरीदने से दोनों देशों के बीच रक्षा संबंध और मजबूत होंगे।
वियतनाम के राष्ट्रपति के साथ एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत आएगा, जिसमें वियतनाम की कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के महासचिव भी शामिल होंगे। यह यात्रा दोनों देशों के बीच सहयोग और साझेदारी को बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है।
भारत और वियतनाम के बीच संबंध ऐतिहासिक रूप से मजबूत रहे हैं, और दोनों देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध हैं। यह यात्रा दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है और इससे क्षेत्र में शांति और स्थिरता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।


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