3 मई 2026

श्रीनगर:
जम्मू-कश्मीर से एक गंभीर खबर सामने आ रही है। सुरक्षा एजेंसियों को जानकारी मिली है कि पाकिस्तान की सेना और उसकी खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) घाटी में अशांति फैलाने के लिए एक बड़ी साजिश रच रहे हैं। यह साजिश भारतीय सेना द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का बदला लेने के लिए रची जा रही है।
पाकिस्तान के गुजरांवाला में हुई आतंकी बैठक
सूत्रों के मुताबिक, इस खतरनाक योजना को अंजाम देने के लिए पाकिस्तान के गुजरांवाला में स्थित ‘लश्कर-ए-तैयबा’ के मरकज-ए-अक्सा में एक गुप्त बैठक हुई है। इस मीटिंग में लश्कर के अलावा कई अन्य आतंकी संगठनों के कमांडर और पाकिस्तानी सेना के अधिकारी भी शामिल थे।
साजिश के मुख्य बिंदु
बैठक में भारत के खिलाफ कई खतरनाक फैसले लिए गए हैं:
1. नए आतंकियों की भर्ती: कश्मीर में दहशत फैलाने के लिए नए लड़कों को आतंकी संगठनों में शामिल करने पर जोर दिया जा रहा है।
2. घुसपैठ की कोशिश: सीमा पार से आतंकियों को भारत भेजने (घुसपैठ) की प्रक्रिया को तेज करने पर चर्चा हुई है।
3. मुखबिरों को निशाना बनाना: जो स्थानीय लोग आतंकियों के खिलाफ आवाज उठाते हैं या सुरक्षा बलों की मदद करते हैं, उन्हें डराने और निशाना बनाने की योजना है।
कौन-कौन से संगठन हैं शामिल
इस बैठक में हिजबुल मुजाहिदीन, अल-बदर, हिजबुल्ला और मुस्लिम जांबाज फोर्स जैसे संगठनों के कश्मीरी मूल के आतंकी कमांडर मौजूद थे। हालांकि, इस मीटिंग में जैश-ए-मोहम्मद का कोई भी प्रतिनिधि शामिल नहीं था।
भारतीय सुरक्षा बलों की चेतावनी
आतंकवाद विरोधी अभियानों से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तानी सेना और वहां के आतंकी संगठन हमेशा इस ताक में रहते हैं कि कब भारत में हालात बिगाड़े जाएं। भारतीय सेना उनके हर नापाक मंसूबे से वाकिफ है और उनसे निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। अधिकारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि जम्मू-कश्मीर में आतंकियों का नेटवर्क लगभग खत्म हो चुका है और जो बचे-खुचे आतंकी छिपे फिर रहे हैं, उन्हें भी जल्द ही उनके अंजाम तक पहुंचाया जाएगा।
सुरक्षा एजेंसियां अब हाई अलर्ट पर हैं ताकि सीमा पार से होने वाली किसी भी हरकत को समय रहते रोका जा सके।