3 मई 2026

ग्वालियर:
अस्पतालों के चक्कर लगाने और महंगी दवाइयों के बोझ को कम करने के लिए एक बेहतरीन पहल शुरू हुई है। क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान ने एक खास योजना बनाई है जिसके तहत अब आपके घर के गमले ही ‘प्राइमरी हेल्थ सेंटर’ बन जाएंगे। इस योजना के जरिए परिवारों को घर में ही औषधीय पौधे लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है ताकि छोटी-मोटी बीमारियों का इलाज घर की रसोई और आंगन से ही हो सके।
दतिया और शिवपुरी से हुई शुरुआत
इस अनोखे प्रोजेक्ट के पहले चरण के लिए मध्य प्रदेश के दतिया और शिवपुरी जिलों को चुना गया है। दतिया जिले के परसारी, उन्नाव और सेसई गांवों में इसकी शुरुआत हो चुकी है, जहां शुरुआती तौर पर 15 परिवारों को चुना गया है। इन परिवारों को 10 अलग-अलग तरह के खास औषधीय पौधों के गमले दिए जा रहे हैं।
ये 14 पौधे बनेंगे आपके ‘फैमिली डॉक्टर’
संस्थान ने कुल 14 पौधों की एक सूची तैयार की है जो आम बीमारियों में रामबाण का काम करते हैं। इनमें शामिल हैं:
तुलसी, ब्राह्मी, अडूसा, गिलोय, हड़जोड़, ग्वारपाठा (एलोवेरा), कालमेघ, पुदीना, पत्र अजवाइन, भांगरा, हरी चाय, कड़ी पत्ता, मंडूकपर्णी और भुईं आंवला। हर परिवार को इनमें से उनकी जरूरत के हिसाब से 10 पौधे दिए जाएंगे।
किस पौधे से क्या होगा फायदा
1. तुलसी और अडूसा: सर्दी-खांसी, गले की खराश और सांस की तकलीफ में फायदेमंद।
2. गिलोय: इम्युनिटी बढ़ाता है और डेंगू-मलेरिया जैसे बुखार में असरदार है।
3. हड़जोड़: टूटी हड्डी जोड़ने और जोड़ों के दर्द में मददगार।
4. ग्वारपाठा (एलोवेरा): पाचन सुधारने, कब्ज और त्वचा की समस्याओं के लिए।
5. पुदीना और अजवाइन: गैस, एसिडिटी और पेट दर्द में तुरंत राहत।
6. ब्राह्मी: याददाश्त बढ़ाने और तनाव कम करने में उपयोगी।
7. कालमेघ: लिवर की सुरक्षा और पेट के कीड़े मारने में सहायक।
सिर्फ पौधे देना ही काफी नहीं, फॉलो-अप भी होगा
इस योजना की सबसे खास बात इसका ‘फॉलो-अप सिस्टम’ है। संस्थान के अधिकारी सिर्फ पौधे बांटकर अपनी जिम्मेदारी खत्म नहीं करेंगे, बल्कि हर दो महीने में इन परिवारों के घर जाकर पौधों की स्थिति देखेंगे। वे यह भी पता लगाएंगे कि परिवार ने उन पौधों का बीमारियों में किस तरह इस्तेमाल किया और उन्हें कितना फायदा हुआ।
इस पहल से न सिर्फ लोगों का रुझान आयुर्वेद की तरफ बढ़ेगा, बल्कि उन्हें मामूली बीमारियों के लिए बार-बार डॉक्टर के पास भागने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी।