16 मई 2026

नई दिल्ली:
भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप का सामना कर रहे लोगों के लिए एक राहत भरी खबर है। मौसम विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक, इस साल देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून तय समय से छह दिन पहले ही दस्तक दे सकता है। आमतौर पर मानसून 1 जून को केरल पहुंचता है, लेकिन इस बार इसके 26 मई को ही केरल के तट पर पहुंचने की पूरी संभावना बनी हुई है। केरल में प्री-मानसून की गतिविधियां भी शुरू हो चुकी हैं।
हालांकि, इस अच्छी खबर के साथ मौसम विभाग ने एक चिंता बढ़ाने वाली बात भी कही है। इस साल मानसून के चार महीनों (जून से सितंबर) के दौरान देश में सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान है।
अल नीनो के कारण कम बरसेंगे बदरा
मौसम विभाग ने साफ किया है कि इस साल कम बारिश होने का मुख्य कारण प्रशांत महासागर में बन रहा अल नीनो का प्रभाव है।
मौसम के इस नए पैटर्न की मुख्य बातें इस प्रकार हैं
*अल नीनो के कारण प्रशांत महासागर की सतह का पानी असामान्य रूप से गर्म हो जाता है। इससे मानसूनी हवाएं कमजोर पड़ जाती हैं, जिसका सीधा असर भारत की बारिश पर पड़ता है।
* इस साल मानसूनी सीजन में देश में औसतन 80 सेंटीमीटर बारिश होने की संभावना जताई गई है, जो कि सामान्य औसत (87 सेंटीमीटर) से कम है।
* भारत में जून से सितंबर के बीच होने वाली बारिश देश की कुल सालाना बारिश का 70 फीसदी हिस्सा होती है। यह खेती, फसलों और जलाशयों को भरने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, इसलिए कम बारिश का सीधा असर हमारी अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
मध्य प्रदेश का हाल: कहीं झुलसाने वाली धूप, तो कहीं गिरे ओले
एक तरफ जहां मानसून के जल्दी आने की सुगबुगाहट है, वहीं दूसरी तरफ मध्य प्रदेश इस समय भीषण गर्मी और मौसम के उतार-चढ़ाव की दोहरी मार झेल रहा है। शुक्रवार को राज्य के कई हिस्सों में तापमान ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए, तो वहीं शाम होते-होते कुछ जिलों में आंधी-तूफान के साथ ओले भी गिरे।
कटनी और उमरिया जैसे जिलों में तेज हवाओं के साथ ओले गिरने से लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली। वहीं सागर, दमोह, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, अशोकनगर, गुना, शिवपुरी, विदिशा, रायसेन और पन्ना समेत कई जिलों में धूल भरी आंधी चली और हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई।
तापमान 45 डिग्री के पार, कई जिलों में लू का ऑरेंज अलर्ट
राहत की यह बौछारें बहुत छोटे इलाकों तक सीमित थीं, जबकि पूरा प्रदेश इस समय भट्टी की तरह तप रहा है। शुक्रवार को मध्य प्रदेश का खंडवा जिला सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 45.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके अलावा रतलाम में 44 डिग्री सेल्सियस के साथ तीव्र लू (severe heat wave) चली।
राजधानी भोपाल में भी गर्मी ने बेहाल कर रखा है, जहां अधिकतम तापमान 42.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रायसेन और मंडला जैसे जिलों में रातें भी बेहद गर्म रिकॉर्ड की गईं।
आगे कैसा रहेगा मौसम?
मौसम केंद्र के अनुसार, अगले तीन दिनों तक राज्य के तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होने वाला है। इसके बाद पारा दो से तीन डिग्री और ऊपर चढ़ सकता है, जिससे गर्मी और बढ़ेगी।
मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। धार, रतलाम, देवास, इंदौर और उज्जैन में तीव्र लू चलने और रातें गर्म रहने की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, ग्वालियर, गुना और सागर समेत प्रदेश के 30 से ज्यादा जिलों में आने वाले दिनों में भीषण लू चलने की आशंका है।