2 June 2026: खबर प्रधान डेस्क:
मध्य प्रदेश के यात्रियों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर है। राज्य में पूरे 21 साल के लंबे इंतजार के बाद एक बार फिर सरकारी कंपनी की बसें सड़कों पर दौड़ती हुई नजर आने वाली हैं। इस नई सरकारी बस सेवा की शुरुआत अगले महीने यानी जुलाई-अगस्त से इंदौर शहर से होने जा रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ के तहत ‘मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड’ के संचालक मंडल की बैठक में इस योजना की तैयारियों की समीक्षा की गई। इस बैठक में बसों के संचालन को लेकर कई बेहद महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं।
पीएम ई-बस सेवा के तहत चलेंगी 150 इलेक्ट्रिक बसें:
इस योजना की सबसे खास बात यह है कि पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए पीएम ई-बस सेवा के अंतर्गत 150 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाएगा। इंदौर शहर में इन आधुनिक बसों का सफर जुलाई के महीने में ही शुरू कर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई इस बोर्ड बैठक में यह तय किया गया है कि इंदौर से अन्य जिलों, मुख्य शहरों और उप नगरीय क्षेत्रों तक शानदार सिटी बसें चलाई जाएंगी ताकि आम जनता का सफर आसान और किफायती हो सके।
पूरे प्रदेश को 7 क्षेत्रों में बांटकर होगा बसों का संचालन:
सरकार ने इस पूरी बस सेवा को सुचारू रूप से चलाने के लिए मध्य प्रदेश को सात प्रमुख क्षेत्रों में बांटा है। ये क्षेत्र हैं: इंदौर, उज्जैन, भोपाल, जबलपुर, सागर, ग्वालियर और रीवा।
इन क्षेत्रों में रूट और बसों का गणित कुछ इस तरह तय किया गया है:
पहले चरण में क्षेत्रीय मुख्यालयों के इन सातों शहरों से प्रदेश के अलग-अलग जिला मुख्यालयों तक जाने वाले कुल 620 मार्गों (रूट्स) की पहचान की गई है, जिन पर कुल 2432 बसें चलाई जाएंगी।
अकेले इंदौर क्षेत्र से प्रदेश के अन्य जिलों में जाने के लिए 121 रूट तय किए गए हैं, जहाँ 608 बसों का संचालन किया जाएगा।
इन सातों क्षेत्रीय मुख्यालयों से सिटी बसों का संचालन भी होगा, जो शहर से आगे बढ़कर महत्वपूर्ण उप नगरीय क्षेत्रों तक का सफर तय करेंगी।
इंदौर शहर और इंदौर संभाग से संचालित होने वाली बसों के संचालन में ‘अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड’ को भी शामिल किया जाएगा। इस श्रेणी के तहत इंदौर में कुल 28 मार्ग चिह्नित किए गए हैं, जहाँ 784 बसें चलेंगी (इसमें पीएम ई-बस सेवा की 150 बसें भी शामिल हैं)।
इंदौर क्षेत्र से दूसरे राज्यों जैसे महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के लिए भी बसें चलेंगी। इसके लिए कुल 101 मार्ग तय किए गए हैं, जिन पर 276 बसों का संचालन एआईसीटीएल द्वारा किया जाएगा।
अगर पूरे प्रदेश की बात करें तो सातों क्षेत्रों में सभी श्रेणियों के कुल 1164 मार्ग चिह्नित किए गए हैं, जिन पर आने वाले समय में कुल 5206 बसें संचालित की जाएंगी।
नए पदों की मंजूरी और भर्ती के नियम तय:
इस विशाल परिवहन नेटवर्क को संभालने के लिए प्रशासनिक स्तर पर भी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बैठक में इस सेवा के सुचारू संचालन के लिए गठित की गई राज्य स्तरीय कंपनी और सात सहायक क्षेत्रीय कंपनियों के बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) को मंजूरी दे दी गई है।
इसके साथ ही पदों की भर्ती को लेकर भी नियम तय किए गए हैं:
होल्डिंग कंपनी में प्रतिनियुक्ति, संविदा और संविलियन के आधार पर जरूरी पदों को भरा जाएगा।
राज्य स्तरीय होल्डिंग कंपनी में उच्च प्रबंध श्रेणी, वरिष्ठ प्रबंध श्रेणी और कनिष्ठ श्रेणी को मिलाकर कुल 140 नए पदों की स्वीकृति दी गई है।
परिवहन विभाग के सचिव और बोर्ड के प्रबंध संचालक मनीष सिंह ने बैठक में इन सभी तैयारियों को लेकर एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण (प्रेजेंटेशन) भी दिया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस बस सेवा के रूट और जन सुविधाओं को संबंधित कलेक्टर्स और स्थानीय निकायों के माध्यम से और अधिक बेहतर और मजबूत बनाया जाए।


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