18 June 2026
भोपाल की अरेरा हिल्स पुलिस ने एक ऐसे शातिर गिरोह का
पर्दाफाश किया है जो धोखे से कार बुकिंग करता था और फिर उन्हें आगे गिरवी रख देता या बेच देता था. इस धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीन अन्य फरार आरोपियों की सरगर्मी से तलाश की जा रही है. पुलिस अब तक इन जालसाजों के कब्जे से 20 कारें बरामद कर चुकी है, जिनकी कुल कीमत लगभग तीन करोड़ रुपये आंकी गई है. हैरानी की बात यह है कि गिरोह ने इतनी ही और गाड़ियां भी गायब की हैं, जिनकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है.
इस तरह सामने आया पूरा मामला
यह पूरा मामला तब खुलकर सामने आया जब विदिशा के रहने वाले गौरव कुशवाहा ने 13 जून को थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई. गौरव फिलहाल ऐशबाग के बाग दिलकुशा इलाके में रहते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि शैलेंद्र जोशी नामक व्यक्ति ने उनसे किराए पर कार ली थी और बाद में बिना उनकी अनुमति या जानकारी के उसे आगे बेच दिया. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत गबन का मामला दर्ज किया और जांच शुरू कर दी. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अयोध्या बायपास से शैलेंद्र जोशी को हिरासत में ले लिया.
क्या था जालसाजी का तरीका?
पूछताछ के दौरान आरोपी शैलेंद्र जोशी ने जुर्म कबूल किया और अपने बाकी साथियों के नामों का भी खुलासा किया. पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह ट्रेवल्स संचालकों और आम गाड़ी मालिकों को झांसे में लेता था. वे मालिकों को भरोसा दिलाते थे कि वे उनकी गाड़ियों को किराए पर चलवाएंगे और उन्हें अच्छा मुनाफा देंगे. गाड़ी हाथ में आते ही ये लोग खुद को गाड़ी का असली मालिक बताकर बिना किसी वैध दस्तावेज के उन्हें दूसरों को बेच देते थे.
इन जालसाजों ने अधिकांश गाड़ियां ग्रामीण इलाकों के सीधे-साधे लोगों को सस्ते दामों का लालच देकर खपाई थीं. पुलिस ने ठोस कार्रवाई करते हुए सीहोर जिले से इन गाड़ियों को बरामद किया है. फिलहाल पुलिस पकड़े गए आरोपियों से कड़ी पूछताछ कर रही है ताकि गिरोह के बाकी सदस्यों और अन्य चोरी की गाड़ियों का पता लगाया जा सके.


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