29 जून 2026: सोमवार:
महाराष्ट्र/ मुंबई:
मुंबई में मानसून दस्तक दे चुका है, और बारिश ने मुंबई को बेहाल कर दिया है। मुंबई में भारी बारिश की वजह से लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।  यहां पारले फ्लाई सहित कई इलाकों में पानी भर गया और सड़कों पर गाड़ियों की रफ्तार धीमी पड़ गई। अंधेरी सबवे बंद हो चुका है और सब जगह जल भराव की स्थिति से मुंबई बेहाल हो गया है। अंधेरी सबवे में घुटनों तक पानी भर चुका है जल भराव के चलते वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है।  सुरक्षा के मद्देनजर अंधेरी सबवे को अस्थाई रूप से बंद करना पड़ा है। जिसकी वजह से वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर भी ट्रैफिक जाम लग चुका है। गाड़ियों की लंबी-लंबी कतारे  लग चुकी है और लोगों को जाम में घंटे फंसना पड़ रहा है।

मुंबई में मानसून की दस्तक  के साथ ही सभी जगह पानी भरने की स्थितियों से लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। यहां मानसून भले ही 13 से 14 दिन के बाद आया, लेकिन मानसून के आते ही मुंबई की सड़कों में पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। मुंबई के विले पारले फ्लाई में पानी भर गया, जहां से गाड़ियों की आवाजाही सबसे ज्यादा होती है। विले पारले इलाके तक जाने के लिए जो कनेक्टिविटी है, जल भराव की वजह से वह बाधित हो रही है।

लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कतें हो रही हैं । तक पानी भर गया है इस वजह से यातायात ठप हो गया है।
मुंबई के आसपास के पूरे इलाके पुणे नासिक या फिर रत्नागिरी इलाके में भी मानसून की वजह से यातायात प्रभावित है।
महाराष्ट्र के सोलापुर में मूसलाधार बारिश हुई है और इस वजह से शहर के आसपास के कई इलाकों में जल भराव के हालात पैदा हो गए हैं।  लोगों को अब बाढ़ का डर सताने लगा है। भारी बारिश के बाद जलकोट तालुका इलाके में भी पानी ही पानी दिखाई दे रहा है । जिससे कई गांव प्रभावित हुए हैं।  तालुका के  गोगांव गांव के आसपास नदी नाले उफान पर हैं । गोगांव को जोड़ने वाला पुल पानी में डूब गया है, जिससे यातायात पर असर पड़ रहा है।
महाराष्ट्र में मौसम का बदलाव तेजी से जारी है।  गर्मी के साथ-साथ ऐसे इलाके भी हैं, जहां बारिश के साथ-साथ गर्मी भी लोगों की परेशानी बढ़ा रहे हैं।  किसानों के हालात बिल्कुल भी ठीक नहीं है।  पूर्वोत्तर के राज्यों में बाढ़ और बारिश का कहर बरपा हुआ है।
प्रशासन की तरफ से लगातार लोगों से अपील की जा रही है कि मौसम की अपडेट के साथ ही घर से बाहर निकले। मौसम विभाग की तरफ से अलर्ट जारी किया जाएगा । उस पर ही भरोसा करें ‌। मुंबई की लाइफ लाइन जो लोकल ट्रेन है ,वह भी देरी से संचालित हो रही है।  गाड़ियां रेंगती हुई नजर आ रही है । ऐसे में लोगों की परेशानी बढ़ती हुई नजर आ रही है। प्रशासन ने पूरी तैयारी की है, पानी की निकासी को लेकर स्थितियों पर नजर रखी जा रही है।

अरुणाचल प्रदेश, असम के कई ऐसे जिले हैं, जहां पर भारी बारिश के कारण हालत काफी खराब है‌ ।  इन इलाकों में भूस्खलन और जल भराव ने यातायात को प्रभावित किया है।
पूर्वी सियांग जिले में हालात बेहद खराब है।  पूरे शहर में भारी बारिश ने जमकर तबाही मचाई है ‌ । असम के सब डिवीजन में लीडो गांव में एक नदी के जलस्तर  के बढ़ने के बाद बाढ़ ने विकराल रूप ले लिया।
बारिश और बाढ़ के चलते पूरा इलाका टापू में बदल गया और पानी के सैलाब के कारण दरिया ने अपना रास्ता बदल दिया।
असम में कई दिनों से लगातार बारिश से हालात बेहद खराब है । कहीं पर सड़के दरिया बनी है तो कहीं पर लोगों के घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है।  लोगों को घरों से बाहर निकालने के लिए कमर से ऊपर पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है।


जम्मू कश्मीर में भी भारी बारिश के बाद रामबाण और रियासी में जल स्तर बढ़ने से डैम के गेट खोल दिए गए हैं‌।  इसके बाद लोगों से नदी के पास न जाने की अपील की जा रही है।
किश्तवाड़ के धुलस्ती  में डीलिस्टिंग के बाद  नदी का जलस्तर बढ़ गया है जिसकी वजह से रामबन में बागलिहट डैम के दो गेट खोल दिए गए।
इसकी वजह से राम बन में बढ़ते जलस्तर की वजह से रिहायशी इलाकों में खतरे को टाला जा सके।
जम्मू कश्मीर के कश्मीर एरिया में भारी बारिश की वजह से पानी का बहाव मेंटेन करने के लिए सलाल बांध के कई  गेट खोल दिए गए।
सिक्किम में भी लगातार बारिश हो रही है‌  जो तबाही का कारण बनती जा रही है‌  उत्तर सिक्किम में उपवंती नदियों के तेज बहाव में बैल ब्रिज बह गया, जिससे कई इलाकों का संपर्क टूट गया।
पहाड़ों में बारिश का कहर भी देखते ही बन रहा है।  तेज बहाव में पूरा पुल बह गया ‌ नदी का बहाव इतना तेज है कि लगातार झरने की तरह पानी तूफान पर है‌  और पुल टूट चुका है सैलाब के साथ पुल भी बह गया।  पुल के टूटने से आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित है‌ । सड़क संपर्क टूट चुका है और नदी का उफान थमने का नाम नहीं ले रहा।
प्रशासन ने हालात को देखते हुए लोगों से अपील की है कि बिना जरूरी काम के घर से बाहर न निकले। पहाड़ी इलाकों में बारिश बुनियादी ढांचे को चुनौती दे रही है।

Share