नई दिल्ली

भारत को वैश्विक सप्लाई चैन का एक प्रमुख केंद्र बनाने और इलेक्ट्रॉनिक के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया हैl प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अध्यक्षता में कैबिनेट कमेटी ने सेमीकान 2.0 नामक योजना को अपनी हरी झंडी दे दी है l इस वृहद योजना के तहत देश में सेमीकंडक्टर निर्माण को रफ्तार देने के लिए 1.27 लाख करोड रुपए के भारी भरकम बजट को मंजूरी दे दी गई है l इसके साथ ही सरकार ने घरेलू स्तर पर मोबाइल फोन उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 62500 करोड रुपए की मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग स्कीम को भी स्वीकृति दे दी है l

रोजगार और उत्पादन के मोर्चे पर बड़े फायदे

इस दोहरे फैसले से न केवल तकनीक के क्षेत्र में देश मजबूत होगा बल्कि इससे भारतीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा बूस्ट मिलेगा l अगले 5 वर्षों में देश के भीतर लगभग 60000 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसरों का सृजन होगा l इस योजना के प्रभाव से अगले 5 वर्षों में करीब 39 लाख करोड रुपए मूल्य के इलेक्ट्रॉनिक उत्पादन का अनुमान है l कुल उत्पादन में से लगभग 15 लाख करोड रुपए के इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों का विदेश में निर्यात किया जा सकेगा l

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा -सेमीकंडक्टर और मोबाइल निर्माण से जुड़े इन फैसलों से देश में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे l लोगों का जीवन सुगम बनेगा और मेक इन इंडिया अभियान को एक नई गति मिलेगी l

विदेशी निर्भरता को कम करने की तैयारी

वर्तमान में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और चिप के आयात पर सालाना 30 अरब डॉलर से भी अधिक की विदेशी मुद्रा खर्च करता है l देश में ही चिप निर्माण का एक सिस्टम विकसित होने के बाद इस भारी भरकम बिल में भारी कटौती हो जाएगी और बची हुई धनराशि का उपयोग जन कल्याण और राष्ट्र विकास की योजनाओं में किया जा सकेगा l केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस वार्ता में बताया कि इस नई नीति से देश में लगभग चार लाख करोड रुपए का निवेश आने की संभावना है l योजना की अवधि के दौरान भारत में करीब 2 लाख करोड रुपए मूल्य के सेमीकंडक्टर का उत्पादन किया जाएगा l जिससे देश स्वदेशी  चिप के निर्माण में आत्मनिर्भर बन सकेगा l

मोबाइल निर्माण के क्षेत्र में भारत की ऊंची छलांग

कंपनियों की साल 2020 में PLI स्कीम की शुरुआत के समय देश में सिर्फ दो मोबाइल निर्माता कंपनी थी l जिनकी संख्या आज बढ़कर 200 से अधिक हो चुकी है l भारत पिछले 6 वर्षों में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माता देश बनकर उभरा है ,वर्ष 2026 -27 से 2030 -31 तक चलने वाली इस योजना के तहत भारत में मोबाइल बनाने वाली कंपनियों को 2.25% से 5% तक का इंसेंटिव मिलेगा l इसके अलावा जो कंपनियां स्थानीय पुर्जों का अधिक उपयोग करेंगे उन्हें 1.5% का अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जाएगा l

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