झारखंड: बोकारो में 8 नक्सलियों का एनकाउंटर
संवाददाता
21 April 2025
अपडेटेड: 7:05 AM 0stGMT+0530
झारखंड: बोकारो में 8 नक्सलियों का एनकाउंटर
1 करोड़ का इनामी माओवादी ढेर, हथियार बरामद
झारखंड के बोकारो जिले के ललपनिया क्षेत्र में लुगु पहाड़ियों पर आज सुबह एक बड़े ऑपरेशन में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और झारखंड पुलिस ने संयुक्त रूप से 8 नक्सलियों को मार गिराया। मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों में एक करोड़ रुपये के इनामी माओवादी विवेक भी शामिल है, जो कई बड़े नक्सली हमलों का मास्टरमाइंड माना जाता था। इस ऑपरेशन को नक्सलवाद के खिलाफ एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
मुठभेड़ का विवरण
सुबह करीब 6 बजे शुरू हुए इस ऑपरेशन में CRPF की कोबरा (Commando Battalion for Resolute Action) इकाई और झारखंड पुलिस की विशेष टास्क फोर्स ने हिस्सा लिया। खुफिया जानकारी के आधार पर लुगु पहाड़ियों में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी, जिसके बाद यह अभियान शुरू किया गया। नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू की, जिसके जवाब में जवानों ने भी गोलीबारी की। करीब दो घंटे तक चली इस मुठभेड़ में 8 नक्सली मारे गए।
झारखंड के DGP ने बताया कि मारे गए नक्सलियों में विवेक के अलावा अन्य प्रमुख नक्सली नेता भी शामिल हो सकते हैं, जिनकी पहचान की जा रही है। मुठभेड़ स्थल से सुरक्षाबलों ने भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया है, जिसमें एक AK-47 राइफल, तीन इंसास राइफल, एक SLR, और कई अन्य हथियार शामिल हैं। इसके अलावा, नक्सलियों के पास से विस्फोटक सामग्री, दस्तावेज, और अन्य आपत्तिजनक सामान भी मिला है।

सर्च ऑपरेशन जारी
मुठभेड़ के बाद इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है। सुरक्षाबल जंगल और आसपास के क्षेत्रों में छिपे अन्य नक्सलियों की तलाश कर रहे हैं। DGP ने बताया कि इस ऑपरेशन में किसी भी जवान के घायल होने की खबर नहीं है, जो सुरक्षाबलों की रणनीति और प्रशिक्षण की सफलता को दर्शाता है। लुगु पहाड़ी क्षेत्र को नक्सलियों का गढ़ माना जाता है, और यह इलाका घने जंगलों से घिरा होने के कारण सुरक्षाबलों के लिए चुनौतीपूर्ण रहा है।
नक्सलवाद के खिलाफ कड़ा रुख
यह मुठभेड़ झारखंड में नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों की श्रृंखला में एक महत्वपूर्ण कड़ी है। पिछले कुछ महीनों में सुरक्षाबलों ने बोकारो, लातेहार, गुमला, और चतरा जैसे नक्सल प्रभावित जिलों में कई सफल ऑपरेशन किए हैं। केंद्र और राज्य सरकार ने नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने के लिए संयुक्त रणनीति अपनाई है, जिसमें खुफिया तंत्र को मजबूत करना, स्थानीय लोगों का विश्वास जीतना, और विकास कार्यों को बढ़ावा देना शामिल है।
झारखंड पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि विवेक जैसे बड़े नक्सली कमांडर का मारा जाना संगठन के लिए बड़ा झटका है। विवेक पर कई राज्यों में हत्या, लूट, और विस्फोट जैसे गंभीर मामलों में शामिल होने का आरोप था। उसकी मौत से नक्सली संगठन की कमान और संचालन पर असर पड़ने की संभावना है।
स्थानीय और राष्ट्रीय प्रतिक्रिया
इस ऑपरेशन की खबर के बाद स्थानीय लोग और राजनेता सुरक्षाबलों की तारीफ कर रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी इस सफलता पर CRPF और झारखंड पुलिस को बधाई दी है। सोशल मीडिया पर लोग इस ऑपरेशन को नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का हिस्सा बता रहे हैं। हालांकि, कुछ संगठनों ने मुठभेड़ की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं, जिसके जवाब में पुलिस ने कहा कि ऑपरेशन पूरी तरह नियमों के तहत किया गया।
आगे की रणनीति
सुरक्षाबलों ने संकेत दिए हैं कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में ऐसे ऑपरेशन और तेज होंगे। खुफिया सूत्रों के अनुसार, बोकारो और आसपास के जंगलों में अभी भी कुछ नक्सली छिपे हो सकते हैं, जिन्हें पकड़ने के लिए ड्रोन और अन्य आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। साथ ही, स्थानीय लोगों को नक्सलियों के खिलाफ सहयोग के लिए प्रोत्साहित करने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
यह मुठभेड़ न केवल झारखंड, बल्कि पूरे देश में नक्सलवाद के खिलाफ चल रही लड़ाई में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। सुरक्षाबलों की इस कार्रवाई से क्षेत्र में शांति और सुरक्षा स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है।