पहलगाम हमले में शामिल आतंकवादियों के दो मददगार गिरफ्तार
संवाददाता
19 May 2025
अपडेटेड: 6:52 AM 0thGMT+0530
संदिग्धों के पास से हथियार और गोलाबारूद बरामद किए गए हैं। सेना की 34 राष्ट्रीय राइफल्स, विशेष अभियान समूह (एसओजी) और सीआरपीएफ 178 बटालियन ने जम्मू- कश्मीर के शोपियां जिले के डीके पोरा इलाके में एक संयुक्त अभियान चलाया। इस दौरान दो आतंकवादी सहयोगी पकड़े गए। सुरक्षा बलों ने उनके पास से दो पिस्तौल, चार ग्रेनेड, 43 जिंदा कारतूस और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की। शोपियां पुलिस ने मामला दर्ज कर उनके संबंधों और गतिविधियों की जांच कर रही है।यह कार्रवाई इलाके में गैरकानूनी, विध्वंसकारी गतिविधियों की चल रही जांच के संबंध में महत्वपूर्ण है। यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरों को बेअसर करने और शांति एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए शोपियां पुलिस के समर्पण को उजागर करता है NAI की रिपोर्ट के अनुसार 13 मई को दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले के केल्लर के शुकरू वन क्षेत्र में लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) से जुड़े तीन आतंकवादी मारे गए। एक शीर्ष पुलिस अधिकारी के अनुसार क्षेत्र में कुछ आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में विशेष जानकारी मिलने के बाद केल्लार के जंगलों में बड़े पैमाने पर घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया गया था। जैसे ही सुरक्षा बलों ने केल्लर के शुकरू वन क्षेत्र में तलाशी अभियान शुरू किया, क्षेत्र में छिपे आतंकवादियों ने पुलिस और सेना के जवानों की संयुक्त टीम पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिससे भीषण गोलीबारी शुरू हो गई। इस दौरान हुई गोलीबारी में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े तीन आतंकवादी मारे गए। हालांकि मारे गए आतंकवादियों की पहचान की अभी तक पुष्टि नहीं हो पाई है। इससे पहले अप्रैल में पहलगाम हमले के बाद श्रीनगर पुलिस ने गैरकानूनी गतिविधियां की रोकथाम अधिनियम UAPA के तहत दर्ज मामलों की जांच को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों के ओवर ग्राउंड वर्कर्स OGW और आतंकवादी सहयोगियों के आवासों पर शहर भर में कई स्थानों पर व्यापक तलाशी ली थी। यह ऑपरेशन भारत द्वारा ऑपरेशन सिंदूर में प्राप्त की गई शानदार सफलता के तुरंत बाद किया गया है। इसमें सटीक हमलों के माध्यम से पाकिस्तान में प्रमुख ठिकानों पर लगभग 100 आतंकवादियों का सफाया कर दिया गया था। लक्ष्यों में जैश का मुख्यालय भवालपुर और लश्कर का प्रमुख प्रशिक्षण अड्डा मुरीदके शामिल थे। गिरफ्तार, हथियार बरामद - जम्मू-कश्मीर के शोपियां में आतंकियों के खिलाफ चलाए गए अभियान में सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली है। शोपियां : जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ चलाए गए अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने शोपियां जिले के डीके पोरा इलाके में आतंकवादियों के दो मददगारों को पकड़ा है। संदिग्धों के पास से हथियार और गोलाबारूद बरामद किए गए हैं। सेना की 34 राष्ट्रीय राइफल्स, विशेष अभियान समूह (एसओजी) और सीआरपीएफ 178 बटालियन ने जम्मू- कश्मीर के शोपियां जिले के डीके पोरा इलाके में एक संयुक्त अभियान चलाया।इस दौरान दो आतंकवादी सहयोगी पकड़े गए। सुरक्षा बलों ने उनके पास से दो पिस्तौल, चार ग्रेनेड, 43 जिंदा कारतूस और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की। शोपियां पुलिस ने मामला दर्ज कर उनके संबंधों और गतिविधियों की जांच कर रही है। यह कार्रवाई इलाके में गैरकानूनी, विध्वंसकारी गतिविधियों की चल रही जांच के संबंध में महत्वपूर्ण है। यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरों को बेअसर करने और शांति एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए शोपियां पुलिस के समर्पण को उजागर करता है। NAI की रिपोर्ट के अनुसार 13 मई को दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले के केल्लर के शुकरू वन क्षेत्र में लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) से जुड़े तीन आतंकवादी मारे गए। एक शीर्ष पुलिस अधिकारी के अनुसार क्षेत्र में कुछ आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में विशेष जानकारी मिलने के बाद केल्लार के जंगलों में बड़े पैमाने पर घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया गया था।जैसे ही सुरक्षा बलों ने केल्लर के शुकरू वन क्षेत्र में तलाशी अभियान शुरू किया, क्षेत्र में छिपे आतंकवादियों ने पुलिस और सेना के जवानों की संयुक्त टीम पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिससे भीषण गोलीबारी शुरू हो गई। इस दौरान हुई गोलीबारी में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े तीन आतंकवादी मारे गए। जबकि मारे गए आतंकवादियों की पहचान की अभी तक पुष्टि नहीं हो पाई है । इससे पहले अप्रैल में पहलगाम हमले के बाद श्रीनगर पुलिस ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत दर्ज मामलों की जांच को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों के ओवर ग्राउंड वर्कर्स (ओजीडब्ल्यू) और आतंकवादी सहयोगियों के आवासों पर शहर भर में कई स्थानों पर व्यापक तलाशी ली थी। यह ऑपरेशन भारत द्वारा ऑपरेशन सिंदूर में प्राप्त की गई शानदार सफलता के बाद किया गया है ।इसमें सटीक हमलों के माध्यम से पाकिस्तान में प्रमुख ठिकानों पर लगभग 100 आतंकवादी गुर्गों का सफाया कर दिया गया था। इस आपरेशन में जैश का मुख्यालय भवालपुर और लश्कर का प्रमुख प्रशिक्षण अड्डा मुरीदके शामिल थे।
जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ चलाए गए अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने शोपियां जिले के डीके पोरा इलाके में आतंकवादियों के दो मददगारों को पकड़ा है।
संदिग्धों के पास से हथियार और गोलाबारूद बरामद किए गए हैं।
सेना की 34 राष्ट्रीय राइफल्स, विशेष अभियान समूह (एसओजी) और सीआरपीएफ 178 बटालियन ने जम्मू- कश्मीर के शोपियां जिले के डीके पोरा इलाके में एक संयुक्त अभियान चलाया। इस दौरान दो आतंकवादी सहयोगी पकड़े गए। सुरक्षा बलों ने उनके पास से दो पिस्तौल, चार ग्रेनेड, 43 जिंदा कारतूस और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की।
शोपियां पुलिस ने मामला दर्ज कर उनके संबंधों और गतिविधियों की जांच कर रही है।यह कार्रवाई इलाके में गैरकानूनी, विध्वंसकारी गतिविधियों की चल रही जांच के संबंध में महत्वपूर्ण है। यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरों को बेअसर करने और शांति एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए शोपियां पुलिस के समर्पण को उजागर करता है NAI की रिपोर्ट के अनुसार 13 मई को दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले के केल्लर के शुकरू वन क्षेत्र में लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) से जुड़े तीन आतंकवादी मारे गए।
एक शीर्ष पुलिस अधिकारी के अनुसार क्षेत्र में कुछ आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में विशेष जानकारी मिलने के बाद केल्लार के जंगलों में बड़े पैमाने पर घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया गया था। जैसे ही सुरक्षा बलों ने केल्लर के शुकरू वन क्षेत्र में तलाशी अभियान शुरू किया, क्षेत्र में छिपे आतंकवादियों ने पुलिस और सेना के जवानों की संयुक्त टीम पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिससे भीषण गोलीबारी शुरू हो गई।
इस दौरान हुई गोलीबारी में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े तीन आतंकवादी मारे गए। हालांकि मारे गए आतंकवादियों की पहचान की अभी तक पुष्टि नहीं हो पाई है। इससे पहले अप्रैल में पहलगाम हमले के बाद श्रीनगर पुलिस ने गैरकानूनी गतिविधियां की रोकथाम अधिनियम UAPA के तहत दर्ज मामलों की जांच को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों के ओवर ग्राउंड वर्कर्स OGW और आतंकवादी सहयोगियों के आवासों पर शहर भर में कई स्थानों पर व्यापक तलाशी ली थी।
यह ऑपरेशन भारत द्वारा ऑपरेशन सिंदूर में प्राप्त की गई शानदार सफलता के तुरंत बाद किया गया है। इसमें सटीक हमलों के माध्यम से पाकिस्तान में प्रमुख ठिकानों पर लगभग 100 आतंकवादियों का सफाया कर दिया गया था। लक्ष्यों में जैश का मुख्यालय भवालपुर और लश्कर का प्रमुख प्रशिक्षण अड्डा मुरीदके शामिल थे। गिरफ्तार, हथियार बरामद –
जम्मू-कश्मीर के शोपियां में आतंकियों के खिलाफ चलाए गए अभियान में सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली है।
शोपियां : जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ चलाए गए अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने शोपियां जिले के डीके पोरा इलाके में आतंकवादियों के दो मददगारों को पकड़ा है। संदिग्धों के पास से हथियार और गोलाबारूद बरामद किए गए हैं।
सेना की 34 राष्ट्रीय राइफल्स, विशेष अभियान समूह (एसओजी) और सीआरपीएफ 178 बटालियन ने जम्मू- कश्मीर के शोपियां जिले के डीके पोरा इलाके में एक संयुक्त अभियान चलाया।इस दौरान दो आतंकवादी सहयोगी पकड़े गए। सुरक्षा बलों ने उनके पास से दो पिस्तौल, चार ग्रेनेड, 43 जिंदा कारतूस और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की।
शोपियां पुलिस ने मामला दर्ज कर उनके संबंधों और गतिविधियों की जांच कर रही है। यह कार्रवाई इलाके में गैरकानूनी, विध्वंसकारी गतिविधियों की चल रही जांच के संबंध में महत्वपूर्ण है। यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरों को बेअसर करने और शांति एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए शोपियां पुलिस के समर्पण को उजागर करता है। NAI की रिपोर्ट के अनुसार 13 मई को दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले के केल्लर के शुकरू वन क्षेत्र में लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) से जुड़े तीन आतंकवादी मारे गए।
एक शीर्ष पुलिस अधिकारी के अनुसार क्षेत्र में कुछ आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में विशेष जानकारी मिलने के बाद केल्लार के जंगलों में बड़े पैमाने पर घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया गया था।जैसे ही सुरक्षा बलों ने केल्लर के शुकरू वन क्षेत्र में तलाशी अभियान शुरू किया, क्षेत्र में छिपे आतंकवादियों ने पुलिस और सेना के जवानों की संयुक्त टीम पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिससे भीषण गोलीबारी शुरू हो गई।
इस दौरान हुई गोलीबारी में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े तीन आतंकवादी मारे गए। जबकि मारे गए आतंकवादियों की पहचान की अभी तक पुष्टि नहीं हो पाई है । इससे पहले अप्रैल में पहलगाम हमले के बाद श्रीनगर पुलिस ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत दर्ज मामलों की जांच को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों के ओवर ग्राउंड वर्कर्स (ओजीडब्ल्यू) और आतंकवादी सहयोगियों के आवासों पर शहर भर में कई स्थानों पर व्यापक तलाशी ली थी।
यह ऑपरेशन भारत द्वारा ऑपरेशन सिंदूर में प्राप्त की गई शानदार सफलता के बाद किया गया है ।इसमें सटीक हमलों के माध्यम से पाकिस्तान में प्रमुख ठिकानों पर लगभग 100 आतंकवादी गुर्गों का सफाया कर दिया गया था। इस आपरेशन में जैश का मुख्यालय भवालपुर और लश्कर का प्रमुख प्रशिक्षण अड्डा मुरीदके शामिल थे।