तुर्की के समर्थन से भारत नाराज़, सिंगर राहुल वैद्य ने ठुकराया 50 लाख का ऑफर

khabar pradhan

संवाददाता

19 May 2025

अपडेटेड: 11:12 AM 0thGMT+0530

तुर्की के समर्थन से भारत नाराज़, सिंगर राहुल वैद्य ने ठुकराया 50 लाख का ऑफर

तुर्की के समर्थन से भारत नाराज़, सिंगर राहुल वैद्य ने ठुकराया 50 लाख का ऑफर

भारत और तुर्की के बीच हालिया राजनीतिक तनाव अब मनोरंजन और पर्यटन जगत में भी असर दिखाने लगा है. पाकिस्तान के पक्ष में बयानबाज़ी और भारत के खिलाफ रुख अपनाने के चलते भारतीयों में तुर्की के प्रति नाराज़गी लगातार बढ़ती जा रही है. इसका असर न केवल ट्रैवल बुकिंग्स पर पड़ा है, बल्कि कई भारतीय कलाकारों ने वहां अपने तय कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं. आम नागरिकों से लेकर सेलेब्रिटीज तक, सभी तुर्की के बहिष्कार की मुहिम में शामिल हो रहे हैं.

राहुल वैद्य का साहसिक निर्णय: देशहित में ठुकराया करोड़ों का ऑफर
हाल ही में मशहूर गायक राहुल वैद्य ने तुर्की के अंताल्या शहर में 5 जुलाई को होने वाली एक शादी में परफॉर्म करने से इनकार कर दिया. उन्हें इसके लिए 50 लाख रुपए का आकर्षक ऑफर मिला था. नवभारत टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में राहुल ने बताया कि, “ऑफर वाकई शानदार था, लेकिन कोई पैसा, शोहरत या काम देश के सम्मान और स्वाभिमान से ऊपर नहीं हो सकता. उन्होंने मुझे इससे भी ज्यादा पैसे देने की पेशकश की, पर मैंने साफ मना कर दिया. यह मुद्दा सिर्फ मेरा नहीं, पूरे देश का है.”
राहुल ने यह भी कहा कि उन्हें किसी ऐसे देश में परफॉर्म करने में कोई दिलचस्पी नहीं, जो भारत के खिलाफ खड़ा हो और उसकी गरिमा का सम्मान न करता हो. “जो कुछ भी मैं हूं, वो अपने देश और यहां के लोगों की वजह से हूं. ऐसे में किसी ऐसे देश का समर्थन नहीं कर सकता, जो हमारे देश के खिलाफ हो,” राहुल ने कहा.

FWICE की अपील: तुर्की कंटेंट और प्रोडक्शन का बहिष्कार करें ओटीटी प्लेटफॉर्म्स
फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने भी तुर्की के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने सभी ओटीटी प्लेटफॉर्म्स और प्रोड्यूसर्स से अपील की है कि वे तुर्की से जुड़े किसी भी कंटेंट को अपने प्लेटफॉर्म से हटाएं और उस देश से जुड़ी किसी नई परियोजना पर काम न करें. FWICE के अनुसार, “जो देश भारत के खिलाफ खड़ा है, उसके कंटेंट को भारत में दिखाना और उसे प्रमोट करना देशद्रोह के बराबर है.”
FWICE पहले ही भारतीय फिल्म निर्माताओं से तुर्की में शूटिंग या किसी भी प्रकार का सहयोग बंद करने की अपील कर चुका है. यह कदम भारत और तुर्की के बीच कूटनीतिक और भावनात्मक तनाव के कारण उठाया गया है.

नैतिक बहिष्कार बन रहा है जन आंदोलन
राहुल वैद्य जैसे सितारों के स्पष्ट रुख और FWICE जैसी संस्था की अपील ने अब एक नैतिक बहिष्कार का रूप ले लिया है. सोशल मीडिया पर भी आम लोग तुर्की के खिलाफ आवाज़ उठा रहे हैं. कई लोग तुर्की टूर रद्द कर चुके हैं और वहां शादी करने की योजनाएं बदल दी हैं. राहुल ने इस मुद्दे पर बात करते हुए यह भी कहा कि “हर साल भारतीय लोग तुर्की में घूमने और शादी करने के लिए करोड़ों रुपए खर्च करते हैं. लेकिन वही देश जब भारत के विरोध में खड़ा होता है, तो सवाल उठता है – क्या हमें ऐसे देश को अपना पैसा देना चाहिए?”
राहुल के इस बयान और बहिष्कार की लहर से यह स्पष्ट होता है कि भारत में राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानने वाली सोच अब मनोरंजन और निजी फैसलों पर भी हावी हो चुकी है. यह ट्रेंड आने वाले समय में और भी मजबूत हो सकता है, जिससे तुर्की जैसे देशों को भारत के विरोध की कीमत चुकानी पड़ सकती है.

टिप्पणियां (0)