लश्कर-ए-तैयबा का को-फाउंडर आमिर हमजा हादसे में घायल, लाहौर के मिलिट्री हॉस्पिटल में भर्ती
संवाददाता
21 May 2025
अपडेटेड: 7:10 AM 0stGMT+0530
लश्कर-ए-तैयबा का को-फाउंडर आमिर हमजा हादसे में घायल, लाहौर के मिलिट्री हॉस्पिटल में भर्ती
पाकिस्तान में कुख्यात आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का सह-संस्थापक आमिर हमजा एक रहस्यमय हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उसे लाहौर स्थित एक मिलिट्री हॉस्पिटल में कड़ी सुरक्षा के बीच भर्ती कराया गया है. हमजा की हालत नाजुक बताई जा रही है.
हालांकि, इस घटना को लेकर विरोधाभासी रिपोर्टें सामने आई हैं. जहां पाकिस्तानी मीडिया इसे घरेलू हादसा बता रहा है, वहीं कुछ सोशल मीडिया पोस्ट्स में दावा किया जा रहा है कि आमिर हमजा पर हमला हुआ और उसे गोली मारी गई. इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हो सकी है.
लश्कर के संस्थापक सदस्यों में रहा शामिल:
आमिर हमजा 1987 में लश्कर-ए-तैयबा की स्थापना करने वाले 17 प्रमुख लोगों में से एक रहा है. वह संगठन में लंबे समय तक आतंकी गतिविधियों, प्रचार कार्य, फंडिंग और मीडिया प्रचार से जुड़ा रहा है. लश्कर के लिए काम करने वाले कई पत्र-पत्रिकाओं का संपादन करने के साथ-साथ वह सेंट्रल एडवाइजरी कमेटी का सदस्य भी था.
हमजा ने लश्कर को दूसरे आतंकी संगठनों से जोड़ने में एक रणनीतिक भूमिका निभाई थी. उसका संबंध हाफिज सईद और अब्दुल रहमान मक्की जैसे प्रमुख आतंकियों से रहा है. साथ ही वह लश्कर से जुड़े एक चैरिटी संगठन का प्रमुख भी रहा, और यूनिवर्सिटी ट्रस्ट के बोर्ड में शामिल था, जिसे कभी हाफिज सईद चलाया करता था.
1980 के दशक में उसने अफगानिस्तान में सोवियत संघ के खिलाफ ‘जिहाद’ में हिस्सा लिया था. इस दौरान वह कट्टरपंथी संगठनों के संपर्क में आया और बाद में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ गया.
भारत-विरोधी गतिविधियों में रहा सक्रिय:
हमजा को भारत के खिलाफ कई आतंकवादी गतिविधियों का मास्टरमाइंड माना जाता है. विशेष रूप से, जम्मू स्थित सुंजवां ब्रिगेड मुख्यालय पर हुए हमले में उसकी संलिप्तता का आरोप है. भारत के खिलाफ भड़काऊ भाषण और प्रचार के लिए वह वर्षों तक लश्कर के मुख्य वक्ता और रणनीतिकार के रूप में काम करता रहा.
साल 2012 में अमेरिका ने आमिर हमजा को वैश्विक आतंकी घोषित किया था और उसकी गतिविधियों पर नजर रखने की बात कही थी.
संगठन से अलग होकर बनाया नया आतंकी गुट:
कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक साल 2018 में लश्कर-ए-तैयबा में फंड की कमी और आतंरिक मतभेदों के कारण विभाजन हो गया. इसके बाद आमिर हमजा ने खुद को संगठन से अलग कर लिया था और एक नया आतंकी संगठन जैश-ए-मनक्फा बनाया.
हालांकि, इस नए संगठन को लश्कर जैसी पहुंच और ताकत नहीं मिल सकी, लेकिन हमजा पाकिस्तान में अपने पुराने नेटवर्क के जरिए सक्रिय रहा.
अब जबकि वह गंभीर रूप से घायल है, यह देखना दिलचस्प होगा कि पाकिस्तान सरकार और ISI की भूमिका इस मामले में क्या रहती है और क्या इस घटना को हमला घोषित किया जाएगा या एक हादसे की कहानी तक सीमित रखा जाएगा.