27 मई 2026
भोपाल:
आधी-अधूरी केस डायरी सौंपने पर सीबीआई ने लगाई मध्य प्रदेश पुलिस की एसआईटी को कड़ी फटकार, सुबूत जुटाने के लिए केस की कमान अपने हाथ में ली।
भोपाल की रहने वाली पूर्व मॉडल और अभिनेत्री त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने आखिरकार एक बहुत बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। मध्य प्रदेश सरकार की सहमति और केंद्र सरकार की अधिसूचना मिलने के बाद, सीबीआई की स्पेशल क्राइम-3 शाखा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नियमित मुकदमा (एफआईआर नंबर आरसी 0522026 एस 0004) दर्ज कर लिया है।
सीबीआई की इस नई एफआईआर में दिवंगत त्विषा शर्मा के पति समर्थ सिंह और उनकी सास, जो कि पूर्व जिला न्यायाधीश (रिटायर्ड जज) रही हैं, गिरिबाला सिंह को मुख्य आरोपी बनाया गया है। इन दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 80(2) दहेज मृत्यु, धारा 85 महिला के प्रति क्रूरता और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। जांच की पूरी जिम्मेदारी सीबीआई की तेजतर्रार डीएसपी निशु कुशवाहा को सौंपी गई है।
एसआईटी की कार्यप्रणाली पर भड़की सीबीआई
इस पूरे मामले की जांच पहले मध्य प्रदेश पुलिस की एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) कर रही थी। लेकिन मंगलवार को जब सीबीआई की टीम ने जांच अपने हाथ में ली, तो एसआईटी की बड़ी लापरवाही सामने आई। एसआईटी ने सीबीआई के अधिकारियों को जो केस डायरी सौंपी, वह पूरी तरह से आधी-अधूरी और अव्यवस्थित थी। केस डायरी में पूरी घटनाओं का कोई सिलसिलेवार या क्रमवार ब्योरा दर्ज नहीं था और महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बेहद बेतरतीब तरीके से लगाए गए थे।
इस घोर लापरवाही को देखकर सीबीआई के आला अधिकारी एसआईटी प्रमुख एसीपी रजनीश कश्यप और वहां मौजूद टीम के सदस्यों पर बुरी तरह भड़क गए। सीबीआई ने उन्हें जमकर फटकार लगाई और तुरंत सुधार करके सभी जरूरी दस्तावेज सही तरीके से सौंपने के निर्देश दिए।
क्या हुआ था उस काली रात को?
सीबीआई की एफआईआर के मुताबिक, यह दुखद घटना 13 मई 2026 की रात की है। रात करीब 9 बजकर 41 मिनट पर त्विषा ने अपनी मां को वॉट्सऐप पर कॉल किया था। बातचीत के दौरान बैकग्राउंड में उसके पति समर्थ सिंह के चिल्लाने की तेज आवाज आ रही थी, जो गुस्से में पूछ रहा था कि वह किससे बात कर रही है? इसके तुरंत बाद फोन कट गया और फिर किसी ने कॉल रिसीव नहीं किया।
करीब एक घंटे बाद, देर रात ससुराल वालों की तरफ से त्विषा के मायके वालों को फोन कर सिर्फ इतना कहा गया कि “वह अब नहीं रही”। उस रात पति समर्थ सिंह त्विषा को भोपाल के एम्स अस्पताल लेकर पहुंचे थे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। हालांकि ससुराल पक्ष इसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश कर रहा था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस पूरी कहानी को पलट दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में त्विषा के शरीर पर चोट के कई गंभीर निशान पाए गए, जिससे हत्या का शक गहरा गया।
एफआईआर में सामने आए रोंगटे खड़े करने वाले आरोप
दिवशा के परिजनों ने एफआईआर में अपने दामाद और रसूखदार समधन पर प्रताड़ना के बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं
हैसियत और दहेज का ताना: परिजनों का आरोप है कि उन्होंने शादी में अपनी क्षमता से ज्यादा खर्च किया था और दामाद को दो लाख रुपये नकद भी दिए थे। इसके बावजूद पति समर्थ और सास गिरिबाला लगातार उसे यह कहकर प्रताड़ित करते थे कि लड़की वालों ने उनके हाई स्टैंडर्ड के हिसाब से खर्च नहीं किया है।
आर्थिक रूप से तंग करना: त्विषा को घर के जरूरी खर्चों के लिए भी तरसाया जाता था। उसे घर खर्च के पैसे नहीं दिए जाते थे, जिसके बाद उसके पिता उसे ऑनलाइन पैसे भेजा करते थे।
दबाव बनाकर कराया गर्भपात: एफआईआर में इस बात का भी दर्दनाक उल्लेख है कि अप्रैल 2026 में जब त्विषा गर्भवती हुई, तो उसके चरित्र पर झूठे सवाल उठाए गए। इसके बाद मानसिक रूप से इतना टॉर्चर किया गया कि दबाव बनाकर उसका जबरन गर्भपात करा दिया गया।
एक्शन में सीबीआई: पति को रिमांड पर लेने की तैयारी
मंगलवार सुबह सीबीआई की एक विशेष टीम सबसे पहले भोपाल के लालघाटी स्थित श्रीईएमयू सेंटर के पास बने उस बंगले पर पहुंची, जहां दिवशा की संदिग्ध हालात में मौत हुई थी। टीम ने घटना स्थल, बेडरूम और आसपास के हिस्सों का बेहद बारीकी से मुआयना किया। इसके साथ ही, वहां मौजूद भौतिक सुबूतों को कब्जे में लेकर उनकी दोबारा फॉरेंसिक जांच कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सीबीआई की टीम ने देर रात पुलिस कमिश्नर संजय कुमार से मुलाकात कर अब तक की स्थानीय पुलिस की कार्रवाई और केस के तथ्यों की पूरी जानकारी ली। पुलिस ने आरोपी पति समर्थ सिंह के मोबाइल, लैपटॉप जैसे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज और दूसरे सुबूत सीबीआई को सौंप दिए हैं। सीबीआई बुधवार को आरोपी पति समर्थ सिंह को कोर्ट में पेश कर उसे अपनी कस्टडी (रिमांड) में लेने की तैयारी कर रही है ताकि इस रसूखदार परिवार के अन्य सदस्यों की भूमिका को पूरी तरह बेनकाब किया जा सके।


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