भागीरथपुरा कांड- दूषित पानी से मौत के मामले में कांग्रेस का प्रदर्शन बना तमाशा

khabar pradhan

संवाददाता

5 January 2026

अपडेटेड: 4:29 PM 0thGMT+0530

भागीरथपुरा कांड- दूषित पानी से मौत के मामले में कांग्रेस का प्रदर्शन बना तमाशा


इंदौर / स्वच्छतम शहर इंदौर में भागीरथपुरा में दूषित पानी से लेकर हुई मौतों को लेकर सियासत गरमाई हुई है। इस मामले में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने विधायकों के घर घेरने का ऐलान किया था। किंतु कांग्रेस की तरफ से ना कोई कार्यकर्ता पहुंचा ,ना कोई नारेबाजी, ना भीड़ और ना ही कोई आक्रोश देखने को मिला।  कोई भी कार्यकर्ता विरोध जताने नहीं पहुंचा।  बल्कि चाय नाश्ता कर मुस्कुराते हुए कार्यकर्ता लौट गए।  इस तरह से यह विरोध प्रदर्शन हवा हवाई साबित हुआ।

भाजपा विधायक के घर घेराव पर नाश्ते का जश्न:
भाजपा विधायक रमेश मेंदोला के घर घेराव के नाम पर सन्नाटा छाया रहा। कांग्रेस की ओर से सिर्फ एक कार्यकर्ता पहुंचा। जिसे भाजपा कार्यकर्ताओं ने रोक कर चाय नाश्ता किया कर वापस कर दिया इस तरह से यह गंभीर कांड सियासत की गलियारों में नष्ट करता हुआ नजर आया और विरोध प्रदर्शन हवा हवाई साबित हुआ।

स्थानीय लोगों का कहना सब मिले हुए हैं!
कांग्रेस के कार्यकर्ता जो स्वयं अकेला ही पहुंचा था, उसने यह स्वीकार किया कि प्रदर्शन तो पहले ही कैंसिल हो चुका था । वहां मौजूद भाजपा नेताओं और विधायक के भतीजे ने उसे सम्मान पूर्वक बैठाया ,हाल-चाल पूछा और नाश्ता कराया।
जिससे कांग्रेस के इस विरोध प्रदर्शन के आंदोलन ने कांग्रेस की ताजा स्थिति और मामले की गंभीरता की पूरी पोल खोल दी। इधर कांग्रेस के बड़े नेताओं का मानना है कि प्रदर्शन में कमी रह गई और सियासी  गलियारों में चर्चा तेज हो गई।

कांग्रेस नेताओं को भाजपा कार्यकर्ताओं ने रोका:

मृतकों के परिजनों से मिलने जब कांग्रेस नेता भागीरथपुरा पहुंचे तो इधर भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन्हें रोका । दोनों तरफ से नारेबाजी हुई जिससे पूरे हंगामें की एक अलग ही तस्वीर निकाल कर आई।

पहले कांग्रेस कार्यकर्ता नारेबाजी कर रहे थे किंतु जब भाजपा कार्यकर्ता वहां पहुंचे तो   विरोध कर रहे कांग्रेस नेता भाजपा कार्यकर्ताओं से गले मिलते नजर आए।  जिसमें भाजपा मंडल अध्यक्ष चंदन सिंह बेस और कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौक से गले मिलते हुए दिखाई दिए । ऐसा लगा जैसे यह सब मिले हुए हैं इधर पुलिस ने भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं को वहां से खदेड़  दिया । इस बीच इंसाफ की आवाज दब गई और ना ही कोई जवाबदेही तय की जा सकी।


भागीरथपुरा कांड जो दूषित पानी से हुई मौतों पर एक गंभीर मामला है, इस पूरे घटनाक्रम पर कांग्रेस और भाजपा सिर्फ राजनीति कर रही है।  यह कोई संघर्ष नहीं था । यहां जनता की मौत पर नेता सियासत कर रहे हैं।

टिप्पणियां (0)