7 सितंबर 2026: बिहार:
बिहार में भारी बारिश के बाद चारों तरफ़ बाढ़ से हाहाकार मचा हुआ है. राज्य के 12 जिलों के 22 लाख से अधिक लोग इस आपदा से परेशान हैं । ख़राब हालात को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने हाई अलर्ट जारी किया है. गंगा नदी के अलावा कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक, पुनपुन और बागमती नदी भी इस समय उफान पर है. जिससेआसपास के इलाकों में बाढ़ की स्थिति विकराल हो गई है. अपुन बता दें बिहार राज्य के 12 जिलों के 70 प्रखंडों की 368 पंचायतों में 22.42 लाख आबादी इस समय पानी से ख़तरे में है।
राजधानी पटना, छपरा, भागलपुर, मुंगेर, खगड़िया, कटिहार सहित कई जिलों में गांव के गांव पानी में घिरा है. पटना में रविवार को गंगा नदी का जलस्तर बाढ़ के उच्चतम स्तर को पार कर गया, जिसके बाद हाथीदह में लगातार खतरे के निशान के ऊपर गंगा बह रही है ।
CWC का कहना है कि चूंकि बिहार में गंगा की मुख्य धारा को मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की नदियों के साथ-साथ बिहार के भीतर अपनी उत्तरी सहायक नदियों से भी काफी पानी मिलता है, इसलिए 8 अगस्त तक बिहार के बक्सर, सारण, वैशाली, खगड़िया, मुंगेर और भागलपुर जिलों में नदी के जलस्तर में स्थिरता या बढ़ोतरी के साथ सामान्य से अधिक या गंभीर बाढ़ की स्थिति बने रहने की संभावना है.
तेजस्वी यादव ने इस विनाशकारी बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने को कहा:
इधर राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने दावा किया कि बिहार का 76 प्रतिशत इलाका बाढ़ से प्रभावित है और सार्वजनिक ढांचे को भारी नुकसान हुआ है. हजारों करोड़ के जान-माल की क्षति हुई है. तेजस्वी ने आरोप लगाया, “दिवालिया हो चुकी बिहार सरकार बाढ़ पीड़ितों की सहायता करने में उदासीन है.” राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा, “केंद्र सरकार बिहार की विनाशकारी बाढ़ को ‘राष्ट्रीय आपदा’ घोषित करते हुए तत्काल बेहाल बिहार की मदद के लिए पांच हजार करोड़ रुपये की विशेष वित्तीय सहायता राशि प्रदान करें.” बहरहाल हालात बेहद बिगड़ते देख सरकार जरुरतमंदों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने में मदद कर रही है।


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