बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने उठाया कदम

जन सुराज पार्टी के संस्थापक और राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार उनके खिलाफ बिहार सरकार के मंत्री और जेडीयू नेता अशोक चौधरी ने मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया है। यह मामला पटना में दर्ज किया गया, जहां चौधरी ने आरोप लगाया कि प्रशांत किशोर ने उनके खिलाफ अमर्यादित भाषा का उपयोग किया, जिसके जवाब में उन्होंने कानूनी कार्रवाई का रास्ता चुना।


सूत्रों के अनुसार, प्रशांत किशोर ने हाल ही में एक सार्वजनिक मंच पर अशोक चौधरी के खिलाफ कुछ विवादास्पद बयान दिए थे। इन बयानों को चौधरी ने अपनी छवि को नुकसान पहुंचाने वाला माना। इसके बाद, उन्होंने किशोर को लीगल नोटिस भेजा था। नोटिस के जवाब में किशोर की ओर से प्राप्त प्रतिक्रिया को चौधरी ने असंतोषजनक बताया, जिसके बाद उन्होंने कोर्ट में मानहानि का केस दर्ज कराने का फैसला किया।


प्रशांत किशोर के समर्थकों का कहना है कि यह मामला राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा हो सकता है। जन सुराज पार्टी के एक प्रवक्ता ने कहा, “प्रशांत किशोर हमेशा से सच्चाई और जनता के हितों के लिए आवाज उठाते रहे हैं। यह मुकदमा उनकी आवाज को दबाने की कोशिश है।” दूसरी ओर, अशोक चौधरी ने दावा किया कि उनके पास किशोर के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं, और वे इस मामले को अंत तक ले जाएंगे।


पहले भी विवादों में रहे हैं किशोर


यह पहली बार नहीं है जब प्रशांत किशोर विवादों में घिरे हैं। इससे पहले जनवरी 2025 में, बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ उनके अनशन और प्रदर्शन के दौरान भी उनके खिलाफ पटना में दो एफआईआर दर्ज की गई थीं। हालांकि, उस मामले में उन्हें कोर्ट से बिना शर्त जमानत मिल गई थी।
यह मामला बिहार की सियासत में नया मोड़ ला सकता है। प्रशांत किशोर, जो अपनी पार्टी जन सुराज के जरिए बिहार विधानसभा चुनाव में उतरने की तैयारी कर रहे हैं, के लिए यह कानूनी पचड़ा एक नई चुनौती हो सकता है। वहीं, जेडीयू और बीजेपी गठबंधन के नेताओं का कहना है कि किशोर के बयानों से उनकी छवि को नुकसान पहुंचा है, और वे इसे कानूनी तरीके से निपटाएंगे।


यह खबर बिहार की राजनीति में चल रही गहमागहमी को और बढ़ाने वाली है। प्रशांत किशोर और अशोक चौधरी के बीच यह कानूनी जंग अब कोर्ट में निर्णायक मोड़ लेगी।

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