21 अगस्त 2026:
मध्य प्रदेश:

मध्य प्रदेश में स्ट्रांग सिस्टम बनने से 16 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है । जिसमें डिंडोरी ,पन्ना और सतना में बाढ़ जैसे हालात हैं।
निवाड़ी ,टीकमगढ़ में 8 इंच तक बारिश होने की संभावना है।  21 और 22 अगस्त को कई जिलों में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद किए गए हैं।

मध्य प्रदेश के 16 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट:
मध्य प्रदेश में आज 16 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है । नर्मदा और मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।  मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में स्ट्रांग सिस्टम एक्टिव है, ऐसे में डिंडोरी पन्ना सहित 17 जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं । निवाड़ी और टीकमगढ़ में 8 इंच तक पानी गिरने की संभावना जताई गई है, तो वहीं ग्वालियर, रायसेन, सागर में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
विंध्य क्षेत्र में आफत की बारिश:
मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र में आफत की बारिश देखने को मिल रही है।  रीवा जिले की कई नदियां उफान पर हैं ‌ यहां 21 और 22 अगस्त को स्कूल बंद रखा गया है । यहां आंगनबाड़ी केंद्रों की भी छुट्टियां कर दी गई है।  रीवा जिले में कई फीट तक पानी  भर चुका है।  रिहायशी इलाकों में बाढ़ जैसे हालात हैं।  रेस्क्यू टीम  वोट लेकर राहत और बचाव कार्य में जुटी है।
बारिश का असर विंध्य प्रदेश में अधिक:
यह बारिश का कहर मध्य प्रदेश के पूर्वी इलाके खासकर विंध्य प्रदेश के जिलों में ज्यादा दिखाई दे रहा है।  रीवा संभाग में भारी बारिश के कारण कई जिलों में ,कई गांवों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं । रीवा के अलावा जबलपुर ,बहुगंज, चित्रकूट के गांव में भी खूब बारिश होने से पूरा जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।  बाढ़ से लोगों को भारी  परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पहाड़ों के साथ-साथ मैदानों में भी मानसूनी आफत से लोग परेशान है। ग्रामीण इलाकों के अलावा शहरों में भी लोगों के घरों में पानी भर गया है।  कारें सड़कों पर पानी में डूब गई है।
मऊगंज में अष्टभुजा नदी उफान पर है । बाढ़ से नईगढ़ गांव डूब गया है।  यहां अमृत  योजना के निर्माण कार्य में कई मजदूर लगे हुए थे जो इस बाढ़ में फंस गए हैं।
जिनमें से कई लोग तेज बहाव में बह गए हैं। सतना जिले में भी नदी नाले उफान पर है।
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी अपना रौद्र रूप दिखा रही है ।‌वहीं कोटा बिरसिंहपुर में भी अत्यधिक बारिश होने के कारण लोगों का जनजीवन प्रभावित हो गया है । मैहर जिले में देर रात से लगातार बारिश होने से नदी नाले उफान पर है।  जलस्तर तेजी से बढ़ चुका है, कई रास्ते बंद हैं और लोग परेशान हैं।

नर्मदा नदी के उफान से धुआंधार  जलप्रपात हुआ गायब:
बाढ़ जैसे ही हालात महाकौशल क्षेत्र में भी दिखाई दे रहे हैं।  जबलपुर के बरगी बांध के 21 में से 13 गेट खोल दिए गए हैं।  जिसके कारण भेड़ाघाट धुआंधार जलप्रपात पूरी तरह गायब हो गया है और नर्मदा नदी के जल से पूरी तरह भर गया है।  बरगी बांध के 9 गेट खुलने के बाद नर्मदा नदी अपने पूरे उफान पर है और इसका असर विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल धुआंधार पर साफ-साफ नजर आ रहा है ‌। क्योंकि धुआंधार गायब हो चुका है । तकरीबन 50 फीट नीचे गिरने वाला जलप्रपात इस वक्त पूरी तरह समतल तरीके से बह रहा है।  और यह तेज बहाव नर्मदा नदी के बहने के समान दिखाई दे रहा है।

प्रशासन ने की लोगों से सतर्कता बरतने की अपील:
मध्य प्रदेश के कई जिलों से अलग-अलग खबरें सामने आ रही हैं।  सीधी, सिंगोली ,डिंडोरी ,छतरपुर, मंडला, कटनी में भी हालात खराब है।  प्रशासन ने लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है।  मध्य प्रदेश के इंदौर महाकौशल क्षेत्र में लगातार बारिश होने से कई जिलों में हालात बिगड़ गए हैं । रीवा, मऊ, सतना, चित्रकूट ,मैहर और जौनपुर समेत कई इलाकों में नदी नाले उफान पर है । प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने ,नदी नालों के पास न जाने की अपील की है।

फिलहाल मौसम विभाग में प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है । ऐसे में लोगों से अपील की जा रही है कि सावधानी बरतें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

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