मध्यप्रदेश में कर्मचारियों और पेंशनर्स की खुशी का ठिकाना नहीं

khabar pradhan

संवाददाता

9 May 2025

अपडेटेड: 12:29 PM 0thGMT+0530

मध्यप्रदेश में कर्मचारियों और पेंशनर्स की खुशी का ठिकाना नहीं

55% महंगाई भत्ता लागू मोहन यादव सरकार का शानदार तोहफा

55% महंगाई भत्ता लागू मोहन यादव सरकार का शानदार तोहफा

मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार ने अपने कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए एक बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने शासकीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ता (Dearness Allowance – DA) और महंगाई राहत (Dearness Relief – DR) को बढ़ाकर 55% करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। यह निर्णय 1 जुलाई 2024 से प्रभावी होगा, जिससे लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स को सीधा लाभ मिलेगा। इस कदम को लेकर कर्मचारी संगठनों और आम जनता में उत्साह का माहौल है।
महंगाई भत्ते में 5% की बढ़ोतरी
मध्यप्रदेश सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के समान अपने कर्मचारियों को भी 55% महंगाई भत्ता देने का निर्णय लिया है। इस वृद्धि में 1 जुलाई 2024 से 3% और 1 जनवरी 2025 से 2% की अतिरिक्त किस्त शामिल है। यह वृद्धि कर्मचारियों और पेंशनर्स की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस फैसले को कर्मचारियों के कल्याण और उनकी मेहनत का सम्मान बताया है।
मुख्यमंत्री ने अपने बयान में कहा, “हमारे कर्मचारी और पेंशनर्स शासन की नीतियों को लागू करने में रीढ़ की हड्डी हैं। उनकी मेहनत और समर्पण को देखते हुए हमने यह निर्णय लिया है। यह भत्ता बढ़ोतरी उनकी आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करेगी और उनके परिवारों को बेहतर जीवन प्रदान करेगी।”

कब और कैसे मिलेगा लाभ?
प्रभावी तारीख: नया 55% महंगाई भत्ता और राहत 1 जुलाई 2024 से लागू होगा।

एरियर का भुगतान: कर्मचारियों को 1 जुलाई 2024 से लागू होने वाले अतिरिक्त भत्ते का एरियर भी प्रदान किया जाएगा।

लागू होने का दायरा: यह निर्णय सभी शासकीय कर्मचारियों, शिक्षकों, और पेंशनर्स पर लागू होगा, जिनमें स्थायी और अस्थायी कर्मचारी शामिल हैं।

वित्त विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं, जिसके तहत कर्मचारियों और पेंशनर्स को जल्द ही बढ़ा हुआ भत्ता उनके वेतन और पेंशन में जोड़ा जाएगा।

कर्मचारियों और पेंशनर्स में खुशी की लहर
इस घोषणा के बाद कर्मचारी संगठनों ने सरकार के इस कदम की जमकर सराहना की है। मध्यप्रदेश कर्मचारी संघ के एक प्रतिनिधि ने कहा, “यह फैसला कर्मचारियों के लिए किसी दीवाली के तोहफे से कम नहीं है। बढ़ती महंगाई के दौर में यह भत्ता हमारी आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाएगा।” वहीं, पेंशनर्स ने भी इस फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे उनकी मासिक आय में इजाफा होगा, जिससे उनकी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना आसान होगा।
सरकार का कर्मचारी कल्याण पर जोर
मध्यप्रदेश सरकार ने हाल के वर्षों में कर्मचारियों और पेंशनर्स के हित में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। पिछले वर्ष भी सरकार ने दीपावली के मौके पर महंगाई भत्ते को 46% से बढ़ाकर 50% किया था। इस बार 55% DA की घोषणा ने कर्मचारियों के बीच सरकार के प्रति विश्वास को और मजबूत किया है। यह निर्णय न केवल कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाएगा, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी गति देगा, क्योंकि बढ़ी हुई आय से उपभोक्ता खर्च में वृद्धि होगी।

सोशल मीडिया पर चर्चा
इस घोषणा के बाद सोशल मीडिया पर भी कर्मचारियों और आम जनता ने अपनी खुशी व्यक्त की है। कई लोगों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा को इस फैसले के लिए धन्यवाद दिया है। एक कर्मचारी ने लिखा, “55% DA का फैसला हमारी मेहनत का सम्मान है। मोहन यादव सरकार ने कर्मचारियों के लिए जो किया, वह सराहनीय है।”

अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा
मध्यप्रदेश सरकार का यह फैसला अन्य राज्यों के लिए भी एक मिसाल बन सकता है। केंद्र सरकार द्वारा केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 55% DA लागू करने के बाद मध्यप्रदेश ने तुरंत अपने कर्मचारियों को भी इसका लाभ देने का फैसला लिया, जो सरकार की त्वरित निर्णय क्षमता को दर्शाता है।

भविष्य की उम्मीदें
कर्मचारी संगठनों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए सरकार से भविष्य में भी इसी तरह के कल्याणकारी कदम उठाने की अपील की है। साथ ही, कुछ कर्मचारी नेताओं ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लागू करने की मांग भी दोहराई है। उनका कहना है कि DA की वृद्धि के साथ-साथ OPS लागू होने से कर्मचारियों का भविष्य और सुरक्षित होगा।

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