15 मई 2026

रुड़की:
उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू होने के बाद अब जमीनी स्तर पर इसके कानूनी परिणाम दिखने लगे हैं। रुड़की में तीन तलाक के एक मामले में ‘हलाला’ की शर्त रखने को लेकर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। UCC के प्रावधानों के तहत हलाला मामले में चार्जशीट दाखिल होने का यह देश का पहला मामला माना जा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
रुड़की की रहने वाली एक युवती की शादी दो साल पहले मोहम्मद दानिश नाम के युवक से हुई थी। पीड़िता का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही ससुराल वाले उसे दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगे थे। विवाद इतना बढ़ा कि पति ने उसे तीन तलाक देकर घर से बाहर निकाल दिया।
पीड़िता करीब 15 दिनों तक अपने मायके में रही। जब उसने अपने पति से दोबारा साथ रहने की बात कही, तो पति और उसके परिवार ने उस पर ‘हलाला’ करने का दबाव बनाया। पीड़िता के अनुसार, उसके पति ने साफ शब्दों में कहा कि उसे दोबारा निकाह के लिए हलाला की प्रक्रिया से गुजरना ही पड़ेगा।
पुलिस की सख्त कार्रवाई और पहली चार्जशीट
महिला की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने गुरुवार को अदालत में पति समेत कुल नौ आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल कर दिया है। यह मामला इसलिए ऐतिहासिक है क्योंकि पहली बार UCC के तहत हलाला को सीधे आपराधिक श्रेणी में रखकर दंड देने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इस केस में UCC की उन धाराओं का उल्लेख किया गया है जो महिलाओं को ऐसी कुप्रथाओं से सुरक्षा प्रदान करती हैं।
आयोग ने लिया संज्ञान
मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग की उपाध्यक्ष फरजाना बेगम भी सक्रिय हो गई हैं। वे शुक्रवार को पीड़िता से मुलाकात करेंगी ताकि उसकी पूरी आपबीती सुन सकें और उसे उचित न्याय दिलाने में मदद कर सकें।
इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि UCC लागू होने के बाद अब महिलाओं से जुड़े पारिवारिक और सामाजिक विवादों में नए कानूनों के तहत सख्त कदम उठाए जाएंगे। यह मामला न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश में एक मिसाल की तरह देखा जा रहा है।