2 अगस्त 2026:
देश दुनिया/ न्यूजीलैंड/
न्यूजीलैंड में 5.9 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया है। भूकंप के झटके महसूस होने के बाद कई इलाकों में लोग सुरक्षा की दृष्टि से घरों और इमारतों से बाहर निकल आए। फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। किसी प्रकार के जान माल के नुकसान या सुनामी से जुड़ा कोई अपडेट सामने नहीं आया है।
न्यूजीलैंड में 5.9 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया है। यह भूकंप का ये तेज झटका पूर्वी तट पर 10 किलोमीटर की गहराई पर आया है।
प्रशांत महासागर के भूकंपीय क्षेत्र स्थित न्यूजीलैंड एक बार फिर भूकंप के तेज झटकों से दहल गया है।
आज रविवार को नॉर्थ आयरलैंड के पूर्वी तट के पास 5.9 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया है। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जिओ साइंसेज यानी जीएफजेड के अनुसार यह भूकंप सिर्फ 10 किलोमीटर की गहराई पर था । जिसके वजह से कई इलाकों में भूकंप के झटके स्पष्ट रूप से महसूस किए गए।
शुरुआती जांच में किसी बड़े जानमाल के नुकसान या किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है।
स्थानीय आपदा प्रबंधन एजेंसियां हालात पर नजर बनाए हुए हैं और प्रभावित क्षेत्र का आकलन किया जा रहा है।
न्यूजीलैंड की भौगोलिक स्थिति ही है भूकंप का क्षेत्र
न्यूजीलैंड दुनिया का सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्र में से एक है । यह देश प्रशांत और ऑस्ट्रेलियाई टेक्नोटोक्निक प्लेट्स के जंक्शन पर स्थित है। जिसके कारण यहां समय-समय पर छोटे और मध्यम दर्जे के भूकंप आते रहते हैं। न्यूजीलैंड में भूकंप से निपटने के लिए मजबूत आपदा प्रबंधन प्रणाली विकसित की गई है। यहां की भौगोलिक स्थिति ही कुछ ऐसी है कि यहां भूकंप के छोटे छोटे झटके आते रहते हैं। यहां अगर भूकंप 6.5 से ऊपर का भूकंप होता है तो वह ज्यादा नुकसानदेह होते हैं।
क्यों आते हैं भूकंप ? क्यों होता है धरती में कंपन:
भूकंप को यदि सामान्य रूप से समझने की कोशिश करें तो धरती के नीचे जो प्लेटें हैं ,जिसके ऊपर यह धरती बनी हुई है ,वह जब आपस में रगड़ खाती है ,उसके जब मूवमेंट होते हैं तो वहां से एनर्जी रिलीज होती है। और धरती के ऊपर जो फॉल्ट लाइंस होती है यानी जो सलवटे होती हैं ,जो कमजोर सतह होती है ,वहां से ऊर्जा बाहर निकलने की कोशिश करती है। और इसलिए धरती पर कंपन होता है।
जिसके कारण यह भूकंप के झटके महसूस होते हैं।
यदि सरल भाषा में समझने की कोशिश करें तो 5.9 तक के भूकंप को इग्नोर नहीं किया जा सकता। क्योंकि इसके बाद आफ्टर शॉक्स भी आते रहते हैं।
इस समय भूकंप की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं और हर दूसरे दिन कई देशों में ऐसी घटनाएं हो रही है।


Leave a Reply