20 मार्च 2026
भोपाल। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भोपाल ने मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बना दिया है। अब लोगों को आवेदन, सत्यापन या काउंटर के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

एम्स प्रबंधन ने आईआईटी इंदौर के सहयोग से एक पायलट प्रोजेक्ट के तहत ऑनलाइन सिस्टम तैयार किया है। इसके माध्यम से प्रमाण पत्र एम्स की वेबसाइट पर उपलब्ध लिंक से सीधे डाउनलोड किए जा सकेंगे।

इस नई व्यवस्था में नर्सिंग स्टाफ और ड्यूटी डॉक्टर ऑनलाइन मॉड्यूल में माता-पिता की पहचान, आधार, मोबाइल नंबर और जन्म या मृत्यु से जुड़ी जानकारी तुरंत दर्ज करेंगे। इसके बाद मेडिकल रिकॉर्ड विभाग द्वारा डेटा का सत्यापन कर उसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपलोड कर दिया जाएगा।

पहले जहां इस प्रक्रिया में कई दिन लग जाते थे और परिजनों को दो-तीन बार अस्पताल आना पड़ता था, वहीं अब केवल 24 से 48 घंटे के भीतर दस्तावेज उपलब्ध हो जाएंगे।

एम्स में हर महीने औसतन 300 से अधिक जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होते हैं। इस डिजिटल सिस्टम से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि रिकॉर्ड की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। परिजन अपने रजिस्ट्रेशन नंबर के जरिए घर बैठे ही प्रमाण पत्र डाउनलोड कर सकेंगे।