7 June 2026
मध्य प्रदेश के सागर जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने सरकारी गेहूं खरीदी सिस्टम में चल रहे भ्रष्टाचार की पोल खोल कर रख दी है. यहाँ समर्थन मूल्य पर खरीदे गए गेहूं की जगह वेयरहाउस में मिट्टी से भरी बोरियां जमा करने की एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश हुआ है. खास बात यह है कि यह मामला खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के गृह जिले का है, जिसके बाद से पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है.
बोरियों में मिला सिर्फ 10 प्रतिशत गेहूं
यह पूरा मामला सागर के गंभोरिया स्थित लक्ष्मी नगर के ‘श्री देव प्रभा वेयरहाउस’ का है. शनिवार को यहाँ हर्षिता स्वसहायता समूह द्वारा गेहूं से लदा एक ट्रक (नंबर MP 15 HA 9190) भेजा गया था, जिसमें कुल 600 बोरियां थीं. जब गोदाम में करीब 100 से ज्यादा बोरियां उतारी जा चुकी थीं, तभी वहां काम कर रहे कर्मचारियों को बोरियों के वजन और बनावट को देखकर कुछ शक हुआ.
जब कर्मचारियों ने एक बोरी को खोलकर उसकी जांच की, तो उनके होश उड़ गए—उसमें गेहूं की जगह मिट्टी भरी हुई थी! इसके बाद जब अन्य बोरियों को भी चेक किया गया, तो पता चला कि बोरियों में गेहूं तो नाममात्र (सिर्फ 10 फीसदी) था और बाकी पूरा हिस्सा मिट्टी और कंकड़-पत्थरों से भरा हुआ था. गड़बड़ी पकड़ में आते ही वेयरहाउस संचालक ने इन बोरियों को रखने से साफ मना कर दिया और तुरंत बड़े अफसरों को इसकी सूचना दी. इसके बाद पूरे माल को वापस ट्रक में लोड करके लौटा दिया गया.
असली गेहूं खुले बाजार में बेचने की आशंका
इस पूरे मामले के पीछे एक सोची-समझी साजिश और बड़े भ्रष्टाचार की आशंका जताई जा रही है. अंदेशा है कि स्वसहायता समूह के केंद्र पर किसानों से जो अच्छा और असली गेहूं खरीदा गया था, उसे चुपके से खुले बाजार में ऊंचे दामों पर बेच दिया गया. इसके बाद सरकार को चूना लगाने के लिए बोरियों में मिट्टी भरकर उन्हें सरकारी गोदाम में खपाने की तैयारी थी. अगर तौल और खरीदी के वक्त ही जांच हो जाती, तो यह अमानक माल उसी समय पकड़ा जाता.
दिलचस्प बात यह है कि वेयरहाउस में पहले भी अमानक (खराब) गेहूं भेजने की कोशिशें हो चुकी हैं. वेयरहाउस संचालक आरपी सुहाने ने पहले ही इसकी शिकायत वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के शाखा प्रबंधक से की थी और कर्मचारियों को अलर्ट रहने को कहा था, जिसके चलते आज यह बड़ी धोखाधड़ी पकड़ी गई.
अधिकारियों ने क्या कहा?
इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए सागर की कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कहा है, “यह मामला बेहद गंभीर है. वेयरहाउस में पहुंचे इस माल की जांच के लिए तुरंत एक विशेष टीम भेजी जाएगी. जांच में जो भी गड़बड़ी या लापरवाही मिलेगी, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.”
वहीं, सागर की जिला आपूर्ति नियंत्रक ज्योति बघेल ने बताया, “यह गेहूं हर्षिता स्वसहायता समूह की तरफ से भेजा गया था. मिट्टी और अमानक गेहूं की जानकारी मिलते ही इसे तुरंत वापस लौटा दिया गया है. अब संबंधित समूह से ही इसके बदले बिल्कुल सही और अच्छी क्वालिटी का गेहूं वापस लिया जाएगा.”


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