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मध्य प्रदेश के जबलपुर से कनवर्जन के दो बड़े और हैरान करने वाले मामले सामने आए हैं। यह घटनाएं आधारताल और कैंट थाना क्षेत्रों की हैं। इन मामलों को लेकर स्थानीय हिंदू संगठनों ने जमकर हंगामा किया, जिसके बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। कैंट पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पहला मामला: खुद को मददगार बताकर महिला पर बनाया कनवर्जन का दबाव
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, हिलटाप निवासी 40 वर्षीय सपना मलिक ने कैंट थाने में शिकायत दर्ज कराई है। सपना ने बताया कि नवंबर 2025 में कजरवारा रोड पर उनकी गाड़ी खराब हो गई थी, उसी दौरान उनकी मुलाकात राजेश सिलास नाम के व्यक्ति से हुई। राजेश ने खुद को मददगार बताते हुए पहले सपना से संपर्क बढ़ाया और बाद में उन्हें आर्थिक सहायता देने लगा। सपना का आरोप है कि कुछ समय बाद राजेश उन्हें डुमना क्षेत्र में ले गया और रवि नामक व्यक्ति से मिलवाया। रवि ने सपना को 10 हजार रुपये देकर ईसाई धर्म अपनाने का प्रस्ताव दिया। साथ ही अन्य लोगों को भी इस धर्म से जोड़ने पर और अधिक आर्थिक लाभ देने का लालच दिया।

घर में दी बाइबिल और मूर्तियां हटाने का बनाया दबाव
महिला का आरोप है कि इसके बाद राजेश सिलास अपने साथी अमित मसीह के साथ उसके घर पहुंचा। वहां उन्होंने महिला को एक बाइबिल, धार्मिक साहित्य, यीशु मसीह की तस्वीर और एक क्रॉस लॉकेट दिया। इसके बाद उन्होंने घर में प्रार्थना कराते हुए सपना पर ईसाई धर्म अपनाने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया। हद तो तब हो गई जब आरोपियों ने महिला से उसके घर में स्थापित हिंदू देवी देवताओं की तस्वीरें और मूर्तियां हटाने के लिए कहा। जब महिला ने इसका विरोध किया, तो उस पर लगातार मानसिक दबाव बनाया जाने लगा। इस प्रताड़ना से परेशान होकर आखिरकार महिला ने कैंट थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने राजेश सिलास, रवि और अमित मसीह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जांच कर रही है।

दूसरा मामला: प्रार्थना सभा की आड़ में कनवर्जन का खेल,
कनवर्जन से जुड़ा दूसरा मामला सुहागी क्षेत्र से सामने आया है। रविवार को वहां उस समय भारी तनाव पैदा हो गया, जब सेंट मैरी स्कूल में आयोजित एक प्रार्थना सभा के दौरान कथित रूप से धर्म परिवर्तन कराए जाने की सूचना पूरे इलाके में फैल गई। यह खबर मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और उन्होंने जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
माहौल को बिगड़ता देख पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक महिला समेत तीन संदिग्ध लोगों को हिरासत में ले लिया और उनसे पूछताछ शुरू कर दी।

गरीब और भोले भाले लोगों को बनाया जा रहा निशाना
घटनास्थल पर पहुंचे हिंदू संगठनों के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि इस प्रार्थना सभा में बेहद गरीब और भोले भाले लोगों को निशाना बनाया जा रहा था। उन्हें बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा और अलग अलग प्रकार के आर्थिक प्रलोभन देकर सनातन धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित और विवश किया जा रहा था। संगठनों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे नेटवर्क की निष्पक्षता से जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ मध्य प्रदेश धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम के तहत सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए। दूसरी तरफ, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन आरोपों की आधिकारिक और कानूनी पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी।


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