5 जून 2026: खबर प्रधान डेस्क:
भारत में गर्मी से बेहाल लोगों के लिए एक बहुत ही राहत भरी खबर आई है। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार मानसून ने भारत में अपनी दस्तक दे दी है। मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, इस साल मानसून अपने तय समय से तीन दिन की देरी से केरल पहुंच चुका है। हालांकि थोड़ी देरी जरूर हुई है, लेकिन इसके आने से अब देश भर में मौसम सुहाना होने की उम्मीद बढ़ गई है।
अगले दो से तीन दिनों का अनुमान
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि केरल में एंट्री करने के बाद अब मानसून तेजी से आगे बढ़ेगा। आने वाले दो-तीन दिनों के भीतर इसके गोवा, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु के कई इलाकों को घेरने की पूरी संभावना है। इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी से होते हुए यह पूर्वोत्तर के राज्यों की तरफ भी आगे बढ़ सकता है। मौसम विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए बताया है कि केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में अगले सात दिनों के अंदर कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश देखने को मिल सकती है।
केरल के कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट
केरल के अलग-अलग हिस्सों में इस समय बहुत तेज बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने राज्य के अलप्पुझा, कोट्टायम और एर्नाकुलम जैसे जिलों के लिए तीन घंटे का ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया है। इसका मतलब यह है कि इन इलाकों में 11 सेंटीमीटर से लेकर 20 सेंटीमीटर तक की बेहद भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान आसमान में घने बादल (क्यूमुलोनिम्बस क्लाउड्स) छाए हुए हैं, जो मौसम के पावरहाउस कहे जाते हैं। इनकी वजह से 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने, बिजली कड़कने और भारी बारिश होने की आशंका बनी हुई है।
उत्तर और मध्य भारत में प्री-मानसून का असर:
देश के कई राज्यों में अभी भी भीषण गर्मी का प्रकोप है, लेकिन मध्य प्रदेश और राजस्थान समेत कई इलाकों में प्री-मानसून गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं। इसके असर से धूल भरी आंधी और बारिश का दौर देखने को मिल रहा है। दिल्ली-एनसीआर में भी बीते गुरुवार को दोपहर में अचानक अंधेरा छा गया और तेज आंधी के साथ भारी बारिश हुई। इस आंधी का असर इतना तेज था कि फिल्म सिटी समेत कई इलाकों में पेड़ टूटकर कारों पर गिर गए और सड़कों पर लंबा जाम लग गया।
24 राज्यों में बारिश और आंधी का अलर्ट:
मौसम विभाग ने देश के करीब 24 राज्यों में बारिश और तेज आंधी का अनुमान जताया है। इनमें ओडिशा, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और तेलंगाना जैसे राज्य शामिल हैं। वहीं दूसरी ओर राजस्थान, हिमाचल और उत्तराखंड के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में भारी बारिश के साथ-साथ ओले गिरने का भी अलर्ट जारी किया गया है।
मध्य प्रदेश में कब तक आएगी राहत:
अगर मध्य प्रदेश की बात करें तो भोपाल में गुरुवार की शाम को करीब 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चली और झमाझम बारिश हुई। इस वजह से शहर के कई इलाकों में पेड़ों की टहनियां टूटकर गिर गईं। आंधी-बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से थोड़ी राहत जरूर मिली है। इसके अलावा शाजापुर में ओलावृष्टि हुई और सीहोर के इछावर में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग का कहना है कि इस बार मध्य प्रदेश में मानसून सामान्य समय से पांच-सात दिन की देरी से, यानी 20 से 22 जून के बीच पहुंचने की संभावना है। तब तक राज्य में इसी तरह प्री-मानसून की फुहारें और आंधी का दौर जारी रहेगा।
मानसून का पूरा सफरनामा:
आमतौर पर देश में मानसून 1 जून को केरल के रास्ते दाखिल होता है। इसके बाद अगले डेढ़ महीने में यह धीरे-धीरे आगे बढ़ते हुए पूरे देश को अपने दायरे में ले लेता है। अपनी बारिश की झड़ी लगाने के बाद, मानसून 17 सितंबर के आसपास राजस्थान के रास्ते वापस लौटना शुरू करता है और 15 अक्टूबर तक देश से इसकी पूरी तरह विदाई हो जाती है। भले ही इस बार शुरुआत थोड़ी धीमी रही हो, लेकिन आने वाले दिनों में यह पूरे देश को गर्मी से राहत देने के लिए तैयार है।


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