16 मई 2026

नई दिल्ली:

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को एक बड़ी कामयाबी मिली है। सीबीआई ने लंबी पूछताछ के बाद इस पूरे घोटाले के मुख्य सरगना पीवी कुलकर्णी को महाराष्ट्र के पुणे से गिरफ्तार कर लिया है। कुलकर्णी महाराष्ट्र के लातूर के एक कॉलेज में केमिस्ट्री (रसायन विज्ञान) का लेक्चरर रह चुका है।
इस बीच, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने पेपर लीक के कारण रद्द हुई नीट-यूजी की परीक्षा को दोबारा कराने की तारीख का ऐलान कर दिया है। अब यह परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी।
पेपर सेट करने वाली कमेटी का सदस्य ही निकला गद्दार
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपी पीवी कुलकर्णी चार साल पहले कॉलेज से रिटायर हुआ था। इसके बाद उसे नीट का प्रश्नपत्र तैयार करने वाली बेहद गोपनीय कमेटी में शामिल किया गया था। कमेटी का सदस्य होने के फायदे का नाजायज इस्तेमाल करते हुए अप्रैल के आखिरी हफ्ते में ही नीट का असली प्रश्नपत्र उसके हाथ लग गया था।
पेपर हाथ में आने के बाद कुलकर्णी ने पुणे की रहने वाली मनीषा बाघमारे नाम की महिला की मदद से इसे लीक कर दिया। सीबीआई ने गुरुवार को जब मनीषा बाघमारे को गिरफ्तार कर उससे कड़ाई से पूछताछ की, तब जाकर इस पूरे खेल के मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी का नाम सामने आया। इस मामले में कुलकर्णी को मिलाकर अब तक कुल आठ आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है।
सरकार की तरफ से छात्रों को मिली 3 बड़ी राहतें
तीन मई को हुई नीट-यूजी परीक्षा का पेपर लीक होने की बात पक्की होने के बाद सरकार ने इसे रद्द कर दिया था और सीबीआई ने 12 मई को केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। इस पूरे घटनाक्रम से परेशान लाखों छात्रों को राहत देने के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को तीन बड़े ऐलान किए हैं

दोबारा होने वाली परीक्षा में छात्रों को पेपर हल करने के लिए 15 मिनट का ज़्यादा समय दिया जाएगा। अब यह परीक्षा दोपहर दो बजे से लेकर सवा पांच बजे तक आयोजित होगी।
छात्रों की सहूलियत के लिए उन्हें अपने परीक्षा केंद्र का शहर बदलने का विकल्प (ऑप्शन) भी दिया गया है।
जिन छात्रों ने पहली परीक्षा दी थी, उनसे दोबारा परीक्षा के लिए कोई फीस नहीं ली जाएगी और पुरानी फीस के आधार पर ही वे पेपर दे सकेंगे।
अगले साल से कंप्यूटर पर होगी परीक्षा, 14 जून को आएंगे एडमिट कार्ड
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि पेपर लीक की इस घटना से सरकार बेहद चिंतित है और व्यवस्था को पूरी तरह सुरक्षित बनाने की कोशिश कर रही है। इसी कड़ी में एक बड़ा फैसला लिया गया है कि अगले साल से नीट-यूजी की परीक्षा ऑफलाइन (पेन-पेपर मोड) नहीं बल्कि कंप्यूटर के जरिए यानी सीबीटी (कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट) मोड में कराई जाएगी, ताकि पेपर लीक होने की गुंजाइश को पूरी तरह खत्म किया जा सके।
इस साल 21 जून को होने वाली दोबारा परीक्षा के लिए एनटीए 14 जून को नए प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड) जारी कर देगा, जिसे छात्र आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड कर सकेंगे।