12 June 2026
भोपाल की मॉडल और अभिनेत्री त्विषा शर्मा की संदेहास्पद मौत के मामले को एक महीना पूरा हो चुका है। इस समय देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सीबीआई इस हाई-प्रोफाइल मामले की गहराई से तफ्तीश कर रही है। इसी बीच, पुलिस प्रशासन ने इस मामले की शुरुआती जांच में गंभीर लापरवाही बरतने और साक्ष्यों से खिलवाड़ करने वाले एक सब इंस्पेक्टर (एसआई) पर बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की है।
कटारा हिल्स थाने में पदस्थ उप निरीक्षक (एसआई) दिनेश शर्मा को जांच में लापरवाह पाया गया है, जिसके बाद उन पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। पुलिस आयुक्त संजय कुमार के निर्देश पर मिसरोद एसीपी डॉ. रजनीश कश्यप ने इस पूरे मामले की जांच की थी। उनकी रिपोर्ट में एसआई दिनेश शर्मा को पूरी तरह दोषी पाया गया, जिसके बाद पुलिस उपायुक्त विकास शाहवाल ने कमिश्नर की सहमति से यह जुर्माना लगाने की कार्रवाई की है।
दो दिन तक प्राइवेट कार में फंदे की बेल्ट लेकर घूमता रहा एसआई
नियमों के मुताबिक, किसी भी संदेहास्पद मौत के मामले में शव परीक्षण (पोस्टमार्टम) के दौरान ही मौके और शरीर से मिलने वाले सभी साक्ष्यों को तुरंत जब्त कर सुरक्षित किया जाना चाहिए। लेकिन एसआई दिनेश शर्मा ने इस मामले में भारी लापरवाही दिखाई। जिस लिगेचर बेल्ट (फंदे के लिए इस्तेमाल की गई सामग्री) से फांसी लगाने का दावा किया गया था, उसे आधिकारिक मालखाने में जमा करने के बजाय एसआई दो दिनों तक अपनी निजी कार में रखकर घूमता रहा। जब इस लापरवाही पर उससे जवाब मांगा गया, तो उसने अजीब दलील देते हुए कहा कि नाइट ड्यूटी होने की वजह से वह इसे समय पर थाने में जमा नहीं कर पाया था। एसआई की इसी बड़ी चूक के कारण मृतका के परिजनों ने पुलिस कार्यालय में जमकर हंगामा भी किया था, जिससे विभाग की छवि काफी खराब हुई थी।
घटनाक्रम पर एक नजर: अब तक क्या-क्या हुआ
त्विषा शर्मा मौत मामले में पिछले एक महीने में कई बड़े मोड़ आए हैं:
12 मई: मॉडल और अभिनेत्री त्विषा शर्मा का शव उनके घर में फंदे से लटका हुआ मिला था।
13-17 मई: त्विषा का पहला पोस्टमार्टम हुआ। इसके बाद परिजनों ने पुलिस की जांच पर सवाल उठाए और न्याय व सीबीआई जांच की मांग को लेकर सीएम हाउस और कमिश्नर दफ्तर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया।
18-20 मई: मामले के मुख्य आरोपी समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका कोर्ट से खारिज हुई और पुलिस ने उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया।
22-24 मई: हाई कोर्ट जबलपुर के कड़े निर्देश के बाद त्विषा के शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया और फिर अंतिम संस्कार हुआ। इसी दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी समर्थ सिंह को गिरफ्तार कर सात दिन की पुलिस रिमांड पर लिया।
25-28 मई: मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने यह केस सीबीआई को सौंप दिया। इसके बाद सीबीआई ने इस मामले में बड़ा एक्शन लेते हुए पूर्व जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। हाई कोर्ट से जमानत रद्द होने के बाद पूर्व जज गिरिबाला सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
01-02 जून: सीबीआई की टीम ने फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स के साथ मिलकर घटनास्थल का ‘सीन रीक्रिएशन’ किया। वर्तमान में अदालती आदेश के बाद दोनों आरोपी जेल में बंद हैं।
आरोपियों से दोबारा पूछताछ की तैयारी में सीबीआई
दिल्ली एम्स के डॉक्टरों और विशेषज्ञों की टीम से मिली दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद अब सीबीआई के फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम पूरी तरह सक्रिय हो चुकी है। केंद्रीय जांच एजेंसी अब एम्स की रिपोर्ट के मुख्य बिंदुओं का मिलान शुरुआती जांच के दस्तावेजों से कर रही है, ताकि नए सिरे से पूछताछ के लिए मजबूत पॉइंट तैयार किए जा सकें।
केस को कोर्ट में मजबूती से टिकने लायक बनाने के लिए नए गवाहों से पूछताछ की जा रही है और संबंधित दस्तावेजों की दोबारा बारीकी से जांच हो रही है। सूत्रों के मुताबिक, साक्ष्यों को और मजबूत करने के लिए जेल में बंद पूर्व जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को सीबीआई एक बार फिर रिमांड पर लेकर आमने-सामने बिठाकर पूछताछ कर सकती है।


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