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2 June 2026: खबर प्रधान डेस्क:

दुनियाभर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का प्रभाव बहुत तेजी से बढ़ रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए भोपाल के माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (एमसीयू) ने मीडिया के छात्रों के लिए एक शानदार पहल की है। विश्वविद्यालय ने मीडिया इंडस्ट्री की बदलती जरूरतों के हिसाब से एआई से जुड़े दो नए बेहतरीन पाठ्यक्रम (कोर्सेज) शुरू किए हैं।
इन कोर्सेज के नाम ‘एमएससी (एआई-ड्रिवन मीडिया)’ और ‘पीजी डिप्लोमा इन एआई-ड्रिवन मीडिया’ हैं, जिनके लिए एडमिशन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इन कोर्सेज को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य छात्रों को आज की आधुनिक तकनीकों के हिसाब से तैयार करना है ताकि उन्हें मीडिया इंडस्ट्री में रोजगार के बेहतरीन और बड़े अवसर मिल सकें।

थ्योरी के साथ मिलेगा प्रैक्टिकल ज्ञान, सीख सकेंगे ये आधुनिक टूल्स:
यूनिवर्सिटी के मीडिया रिसर्च विभाग का कहना है कि इन कोर्सेज के दौरान छात्रों को सिर्फ किताबों या थ्योरी तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें पूरा व्यावहारिक (प्रैक्टिकल) प्रशिक्षण दिया जाएगा।
पढ़ाई के दौरान छात्रों को आज के समय के सबसे लोकप्रिय और एडवांस एआई टूल्स सिखाए जाएंगे, जिनमें शामिल हैं:

  • चैटजीपीटी (ChatGPT)
  • जेमिनी (Gemini)
  • पायथन (Python)
  • नोटबुक एलएलएम (NotebookLM)
  • केपकट एआई (CapCut AI) और अन्य महत्वपूर्ण एआई टूल्स
    इन टूल्स को सीखने के बाद छात्र न्यूज़ रूम ऑटोमेशन, डेटा जर्नलिज्म, फैक्ट चेकिंग, डिजिटल मार्केटिंग और आजकल चर्चा में रहने वाले डीपफेक तकनीक की पहचान करने जैसे एडवांस क्षेत्रों में विशेषज्ञता (स्पेशलाइजेशन) हासिल कर सकेंगे।

इन पदों पर चमकेगा करियर
एमसीयू प्रबंधन का मानना है कि आने वाले समय में मीडिया और एआई का रिश्ता और भी ज्यादा मजबूत होने वाला है। ऐसे में जो युवा इन तकनीकों में पहले से प्रशिक्षित होंगे, उनकी डिमांड मीडिया जगत में बहुत तेजी से बढ़ेगी। यह कोर्स पूरा करने के बाद छात्र भविष्य में कई बड़े और नए पदों पर अपना शानदार करियर बना सकते हैं, जैसे:

  • एआई मीडिया प्रोडक्ट मैनेजर
  • डेटा जर्नलिस्ट
  • फैक्ट चेकर
  • न्यूज़रूम एआई विशेषज्ञ

दोनों कोर्सेज में सीटें हैं सीमित, 16 जून तक करें आवेदन
अगर आप भी इन कोर्सेज में एडमिशन लेना चाहते हैं, तो इसकी जरूरी जानकारी इस प्रकार है:

  • सीटों की संख्या: यूनिवर्सिटी ने दोनों ही कोर्सेज में फिलहाल 20-20 सीटें तय की हैं, यानी कुल 40 सीटों पर ही एडमिशन होंगे।
  • अपग्रेड की सुविधा: इसमें छात्रों को एक बेहतरीन विकल्प दिया गया है। जो छात्र एक साल का पीजी डिप्लोमा कोर्स चुनते हैं, वे चाहें तो दूसरे साल में अपने इस कोर्स को सीधे एमएससी में अपग्रेड भी करा सकते हैं।
  • कौन कर सकता है आवेदन: किसी भी स्ट्रीम या विषय से ग्रेजुएशन (स्नातक) कर चुके विद्यार्थी इन कोर्सेज के लिए पूरी तरह योग्य हैं और आवेदन कर सकते हैं।
  • आखिरी तारीख: इन कोर्सेज में अप्लाई करने के लिए अंतिम तिथि 16 जून निर्धारित की गई है।

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