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9 June 2026

चिलचिलाती धूप और उमस भरी गर्मी झेल रहे मध्य प्रदेश के लोगों के लिए एक बहुत अच्छी और राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य में दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 15 से 20 जून के बीच प्रदेश में मानसून की पहली दस्तक हो सकती है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा सोमवार को जारी किए गए पूर्वानुमान के मुताबिक, अगर मौजूदा मौसमी परिस्थितियां इसी तरह अनुकूल बनी रहीं, तो अगले कुछ दिनों में मानसून मध्य प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में प्रवेश कर जाएगा।

इन जिलों के रास्ते होगी मानसून की एंट्री
मौसम विभाग के नक्शे और हवा के रुख को देखें तो मानसून की अरब सागर वाली शाखा सबसे पहले मध्य प्रदेश के दक्षिणी जिलों में पहुंचेगी। इसके तहत खरगोन और बुरहानपुर के रास्ते मानसून के मध्य प्रदेश की सीमा में दाखिल होने की पूरी संभावना है। अरब सागर से आने वाले बादलों की वजह से इन इलाकों में सबसे पहले मानसूनी बारिश का दौर शुरू होगा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आमतौर पर भी प्रदेश में मानसून के आने का यही समय होता है, इसलिए इस बार मानसून की रफ्तार को बिल्कुल समय पर माना जा रहा है।

तापमान में बढ़त और आंधी-तूफान का अलर्ट
एक तरफ जहां मानसून के आने की उम्मीद जगी है, वहीं दूसरी तरफ प्रदेश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में एक बार फिर मामूली बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। इस समय राज्य के ज्यादातर शहरों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास या उससे ऊपर बना हुआ है। सोमवार को प्रदेश का सबसे अधिक तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान ग्वालियर और उसके आसपास के जिलों में रिकॉर्ड किया गया, जो 29.7 डिग्री सेल्सियस के करीब रहा।
मौसम विभाग ने मानसून के आने से ठीक पहले कई जगहों पर तेज हवाएं चलने और वज्रपात (बिजली गिरने) की चेतावनी भी दी है। अनुमान है कि प्रदेश के कई हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चल सकती है।

इन जिलों में दिखेगा मौसम का असर
आने वाले दिनों में जिन प्रमुख जिलों में तेज हवाओं और मौसम में बदलाव का असर देखने को मिलेगा, उनमें भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, देवास, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर कलां, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, सागर, छतपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी शामिल हैं। इन सभी इलाकों में मानसून के पूर्व की गतिविधियां जल्द ही तेज होने वाली हैं।


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